सीजी भास्कर, 17 जनवरी। उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक तकनीक अपनाकर (Modern Vegetable Production) दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के ग्राम मड़से के प्रगतिशील कृषक शिवराम वेक ने अपनी खेती को नई दिशा दी है। विभागीय मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने वर्ष 2024-25 में 1000 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। इसमें उन्होंने बरबट्टी की उन्नत किस्मों का उत्पादन शुरू किया, जिससे उन्हें अपेक्षा से अधिक उपज मिली और अब उनकी खेती क्षेत्र में नई पहचान बना रही है।
शेडनेट हाउस एक कृषि संरचना है जिसमें जालीदार नेट का उपयोग करके एक ढाँचा बनाया जाता है, जो पौधों को तेज धूप, कीटों और अत्यधिक मौसम से बचाता है, साथ ही जरूरी नमी, हवा और सूरज की रोशनी को अंदर आने देता है। इसके कारण पौधों के लिए अनुकूल सूक्ष्म वातावरण बनता है, विशेषकर फूल, सब्जियां और नर्सरी पौधों के लिए यह फायदेमंद है। इसे नेट हाउस या छाया घर भी कहा जाता है और यह कम लागत में बेहतर उत्पादन और पानी की बचत करता है।
शिवराम वेक ने शेडनेट हाउस में (Modern Vegetable Production) तकनीक के तहत बरबट्टी की उन्नत किस्मों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया। शेडनेट निर्माण से तापमान नियंत्रित हुआ, फसल को कीटों से सुरक्षा मिली और मिट्टी में नमी भी बनी रही। ड्रिप सिंचाई पद्धति का उपयोग करने से पानी की बचत हुई और पौधों को लगातार उचित नमी मिलती रही। इन नियंत्रित परिस्थितियों के कारण उत्पादन खुले खेत की तुलना में 35-40 प्रतिशत तक बढ़ गया। शेडनेट में तैयार हरी बरबट्टी स्थानीय बाजार में अच्छी कीमत पर बिकी, जिससे शिवराम वेक को नियमित नकद आय मिलने लगी।
शेडनेट में सफलता मिलने के बाद शिवराम ने 0.20 हेक्टेयर खुले क्षेत्र में सेम की खेती शुरू की। गुणवत्ता वाले पौध, जैविक खाद, ट्रेलिस (मचान) विधि और मौसम अनुसार सिंचाई ने फसल को मजबूत बनाया। इसके परिणामस्वरूप सेम की फलन क्षमता बढ़ी और बाजार में अच्छी मांग मिलने से प्रति चक्र उन्हें 15,000 से 20,000 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।
नई तकनीक अपनाने की उनकी इच्छाशक्ति और मेहनत ने उनकी खेती को लाभकारी बना दिया। अब वे अपनी सब्जियों को सीधे स्थानीय हाट-बाजार और थोक विक्रेताओं तक पहुँचाते हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई। शेडनेट और सब्जी उत्पादन से उनकी मासिक आय में लगभग 8-12 हजार रुपये की लगातार वृद्धि दर्ज की गई। आज शिवराम वेक गांव के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
शासकीय योजनाओं और उद्यानिकी विभाग की तकनीकी सहायता से उन्होंने सिद्ध किया है कि आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकते हैं। भविष्य में वे शेडनेट में अन्य सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने की योजना भी बना रहे हैं, ताकि क्षेत्र के किसानों को अधिक लाभ मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।


