सीजी भास्कर, 20 जनवरी। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana 2025) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुँचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहाँ अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है।
अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana 2025) के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गाँवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुँची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में स्पष्ट और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana 2025) के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित हो रही है।
इस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को प्रोत्साहन मिल रहा है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana 2025) के तहत गासिक कर में पूर्ण छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है। इससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा रहा है और निजी बस संचालकों की भागीदारी भी बढ़ रही है।
मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके।
चयनित मार्गों पर बस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा दीर्घकाल तक सतत बनी रहे।
निविदा में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है, जिससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित होता है। वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं।
जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं।
आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 (Mukhyamantri Gramin Bus Yojana 2025) के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत कर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




