सीजी भास्कर, 20 जून। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र स्थित खरवे गांव में पिछले तीन महीनों के भीतर 8 लोगों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने 7 शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। मामले को लेकर गांव में तंत्र-मंत्र, गड़ा धन और मानव बलि जैसी आशंकाओं की चर्चाएं तेज हैं। (Mysterious Deaths in Chhattisgarh Village)
तीन महीने में 8 लोगों की मौत से बढ़ी चिंता : Mysterious Deaths in Chhattisgarh Village
गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की मौत हो गई। एक ही गांव में कम समय के भीतर हुई इन मौतों के बाद ग्रामीणों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शांति पूजा के बाद भी नहीं थमा मौतों का सिलसिला
लगातार चार मौतों के बाद ग्रामीणों ने देवी-देवताओं को शांत करने के लिए सामूहिक शांति पूजा कराई। इस दौरान तीन बकरों, एक सूअर और कई मुर्गों की बलि दी गई। इसके बावजूद मौतों का सिलसिला नहीं रुका। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में जमीन में गड़े धन को निकालने के लिए 21 नरबलि देने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गांव में शांति पूजा कराने वाले बैगा गजानंद मांझी की भी बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें शराब पीने के लिए दी गई थी, जिसके कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौतों का राज : Mysterious Deaths in Chhattisgarh Village
ग्रामीणों ने कई मौतों के पीछे एक ही व्यक्ति पर संदेह जताया है। आरोप है कि मृतकों को अलग-अलग समय पर शराब दी गई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। वहीं आरोपी पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हें स्वीकार किया जाएगा।
खरवे गांव के अधिकांश लोग कबीर पंथ को मानते हैं, इसलिए मृतकों का अंतिम संस्कार दाह संस्कार की बजाय दफनाकर किया गया था। बाद में जांच के लिए कब्र खोदकर शव निकाले गए और पोस्टमॉर्टम के बाद दोबारा दफना दिए गए।
पुलिस का कहना है कि सभी नमूनों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे गांव की नजर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इन रहस्यमयी मौतों की असली वजह सामने आ सकेगी।





