सीजी भास्कर, 22 सितम्बर रायपुर। बहुचर्चित Naan Scam Case में आरोपी रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ने सोमवार को एक बार फिर कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की। यह लगातार तीसरा मौका है जब वे सरेंडर की प्रक्रिया के लिए पहुंचे। उनके साथ इस मामले में सह-आरोपी और रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा भी मौजूद रहे। कोर्ट परिसर में सुरक्षा को देखते हुए CRPF के जवान तैनात किए गए।
Naan Scam Case: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हलचल
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद रायपुर स्थित ED कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। आलोक शुक्ला (Alok Shukla) और अनिल टुटेजा (Anil Tuteja) को लेकर कोर्ट में सरेंडर की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, ED ने प्रोडक्शन वारंट का आवेदन लगाया है। कोर्ट से अनुमति मिलते ही दोनों अधिकारियों को एजेंसी न्यायिक रिमांड पर ले सकती है।
Naan Scam Case: पहले दो बार क्यों टला सरेंडर?
आलोक शुक्ला ने 18 और 19 सितंबर को भी सरेंडर करने की कोशिश की थी। पहली बार कोर्ट ने यह कहते हुए मना कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड नहीं हुआ है। दूसरी बार मामला इसलिए अटक गया क्योंकि ED के वकील केस डायरी लेकर कोर्ट नहीं पहुंचे। अब तीसरी बार सरेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
Naan Scam Case: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
दरअसल, इस मामले में हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को जमानत दी थी। लेकिन ED ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान एजेंसी ने बताया कि आरोपियों ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है और जांच अभी अधूरी है। इसके बाद जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए दोनों IAS अधिकारियों को पहले 2 हफ्ते ED की हिरासत और अगले 2 हफ्ते न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। साथ ही, तीन महीने में जांच पूरी करने की समयसीमा तय कर दी।
Naan Scam Case: आखिर क्या है नान घोटाला?
नागरिक आपूर्ति निगम यानी नान (Naan) में 2015 में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। चावल, नमक और अन्य खाद्य सामग्रियों के परिवहन और भंडारण में अनियमितताओं के आरोप लगे। 12 फरवरी 2015 को ACB और EOW की संयुक्त टीम ने नान मुख्यालय और 28 स्थानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में करीब 3.50 करोड़ रुपए की नकदी और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए।
Naan Scam Case: आलोक शुक्ला और टुटेजा की भूमिका
इस घोटाले में पेश किए गए चालान और पूरक चालान में कुल 16 आरोपियों के नाम शामिल थे। इनमें पूर्व IAS आलोक शुक्ला उस समय खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव थे और अनिल टुटेजा नान के प्रबंध निदेशक (MD)। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद दोनों के खिलाफ पूरक चालान पेश किया गया।





