सीजी भास्कर, 21 जून| Nalanda Campus Chhattisgarh : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में कुनकुरी के सलियाटोली ग्राम में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 250 सीटर नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसरों की स्थापना की जा रही है। जशपुर जिले में दो स्थानों पर नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। नालंदा परिसर अत्याधुनिक पुस्तकालय, शिक्षण संसाधनों और तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित होगा। विद्यार्थियों की निर्बाध पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए यह परिसर 24 घंटे खुला रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन द्वारा नागरिक सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस के माध्यम से सभी विभागों की सेवाएँ ऑनलाइन की जा रही (Nalanda Campus Chhattisgarh)हैं। राजस्व क्षेत्र में 10 नवीन क्रांतिकारी पहल लागू की गई है, जिससे रजिस्ट्री और नामांतरण जैसी प्रक्रियाएँ अब आमजन के लिए सरल और सुलभ हो गई हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए पीएससी जैसी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सीबीआई जाँच कराई जा रही है। साथ ही, जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, कृषि महाविद्यालय, उद्यानिकी, नर्सिंग, नेचुरोपैथी और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
नालंदा परिसर: अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त, 24×7 अध्ययन के लिए समर्पित केंद्र
नालंदा परिसर में महानगरों की तर्ज पर सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें इंडोर और आउटडोर स्टडी ज़ोन के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण से जुड़ने के लिए ऑक्सी रीडिंग ज़ोन की व्यवस्था होगी।यह परिसर स्वायत्त मॉडल पर आधारित होगा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सौर ऊर्जा से संचालित किया (Nalanda Campus Chhattisgarh)जाएगा। ईको-फ्रेंडली डिज़ाइन के इस परिसर में विद्युत खपत न्यूनतम होगी और 50 से अधिक देशी पौधों की प्रजातियाँ रोपी जाएँगी।
युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ ज़ोन जैसी सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। संचालन के लिए स्ववित्तपोषित मॉडल को अपनाया जाएगा। लाइब्रेरी में 50,000 से अधिक पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई ज़ोन और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध होंगी। साथ ही, आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक आईडी, पुस्तकों की ट्रैकिंग के लिए आरएफआईडी और सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन प्रणाली की व्यवस्था होगी।



