दुर्ग में NSS वीरों का महामंच! (NSS ETI Training Program)
सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (NSS ETI Training Program) का परिसर इन दिनों युवाओं के जोश और राष्ट्रसेवा के जज्बे से गुंजायमान है। भारत सरकार के खेल एवं युवा मंत्रालय तथा उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय ने अपने तीसरे दिन भी सफलता का परचम लहराया।
पोटिया कला स्थित विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एनएसएस स्वयंसेवकों को तकनीकी रूप से सक्षम बना रहा है, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक और लीडर के रूप में भी गढ़ रहा है।
तकनीकी ज्ञान का तड़का
प्रशिक्षण शिविर के प्रथम और द्वितीय सत्र में तकनीकी ज्ञान का ऐसा तड़का लगा कि प्रतिभागियों की जिज्ञासा चरम पर पहुँच गई। श्री नुतेश्वर वर्मा, जिन्हें पी.एफ.एम.एस. (PFMS) के क्षेत्र में ‘गुरु’ का दर्जा प्राप्त है, ने सरकारी खजाने के पारदर्शी उपयोग के बारीक से बारीक दांव-पेंच सिखाए।
इस (NSS ETI Training Program) सत्र के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी गई, बल्कि इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) भी कराया गया। यह सत्र विशेष रूप से उन प्रतिभागियों के लिए उपयोगी रहा जो भविष्य में कार्यक्रमों के वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अनुभवों का पिटारा : NSS ETI Training Program
तीसरे और चौथे सत्र का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आर. पी. अग्रवाल का व्याख्यान रहा। उन्होंने अपने अनुभवों के पिटारे से प्रतिभागियों को बताया कि कैसे एक सफल और प्रभावी विशेष शिविर का आयोजन किया जा सकता है।
इस (NSS ETI Training Program) सत्र में उन्होंने उन छोटी-छोटी सावधानियों पर प्रकाश डाला, जो अक्सर आयोजन के दौरान अनदेखी कर दी जाती हैं। डॉ. अग्रवाल ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि समाज सेवा के कार्यों में अनुशासन और प्रबंधन का क्या महत्व है।
कुशल नेतृत्व और सामूहिक सहभागिता
यह पूरा आयोजन विश्वविद्यालय के वर्तमान कार्यक्रम समन्वयक श्री जैनेन्द्र दीवान के कुशल नेतृत्व में संचालित हो रहा है। उनके मार्गदर्शन में (NSS ETI Training Program) अपनी सफलता की नई ऊंचाईयों को छू रहा है।
तीसरे दिन के समस्त कार्यक्रमों के सफल संचालन की जिम्मेदारी ‘इंद्रावती समूह’ ने बखूबी निभाई। इस दौरान समूह के सदस्यों ने प्रशिक्षण सत्रों को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सक्रिय योगदान दिया।
इनकी रही सक्रिय भूमिका : NSS ETI Training Program
कार्यक्रम के तीसरे दिन को सफल बनाने में डॉ. चांदनी मरकाम, वजन साहू, विनोद, भारतेन्दु, किशोर, नीलम चंद्रवंशी एवं रत्नम मैडम ने अपनी महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाई। इन विशेषज्ञों और समन्वयकों की उपस्थिति ने प्रतिभागियों के उत्साह को दोगुना कर दिया।
इस (NSS ETI Training Program) के माध्यम से विश्वविद्यालय का लक्ष्य युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है।


