रायपुर, 17 अगस्त : बलौदाबाजार जिले की महिला किसान आरती साहू ने आधुनिक तकनीक को रोजगार का जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। नमो ड्रोन दीदी (Namo Drone Didi) योजना से जुड़कर आरती किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं। वह प्रति एकड़ 300 रुपये की दर से सेवा देकर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं।
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दो साल से ड्रोन से कर रहीं खेतों में छिड़काव
बलौदाबाजार जिले के सिमगा विकासखंड के ग्राम रानीजरौद निवासी आरती साहू पिछले दो वर्षों से ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में उर्वरकों का छिड़काव कर रही हैं। ड्रोन से कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव पूरा हो जाता है। इससे किसानों का समय और मेहनत दोनों बचते हैं।
आरती के लिए ड्रोन केवल आधुनिक कृषि उपकरण नहीं है, बल्कि आर्थिक मजबूती का साधन बन चुका है। तकनीक का प्रशिक्षण और अवसर मिलने के बाद उन्होंने इसे रोजगार से जोड़ लिया।
1154 एकड़ में किया ड्रोन से छिड़काव
आरती साहू बताती हैं कि पिछले वर्ष उन्होंने करीब 1154 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया। इस काम से उन्हें लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की आमदनी हुई। प्रति एकड़ 300 रुपये की दर से सेवा देकर वह लगातार अपनी आय बढ़ा रही हैं।
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महिलाओं के लिए बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
नमो ड्रोन दीदी (Namo Drone Didi) योजना से जुड़कर आरती ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को अपनाकर रोजगार के नए अवसर हासिल कर सकती हैं। ड्रोन के जरिए किसानों को सेवा देने के साथ वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उनकी कहानी गांव की अन्य महिलाओं को भी तकनीक आधारित रोजगार से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार
आरती साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ने का अवसर दिया है। ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरकों का छिड़काव कर वह अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।
ड्रोन से गांव की महिलाओं को नई उड़ान
आरती साहू की सफलता यह दिखाती है कि आधुनिक कृषि तकनीक ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया रास्ता खोल सकती है। किसानों के खेतों में सेवा देने से लेकर अपनी आमदनी बढ़ाने तक आरती ने ड्रोन को अपनी आर्थिक तरक्की का माध्यम बनाया है।




