सीजी भास्कर 21 जनवरी। छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण और DMF फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा लिखे गए पत्र पर केंद्र सरकार (Nankiram Kanwar Letter) ने संज्ञान लिया है। केंद्र ने इस मामले में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील को पत्र भेजकर जांच के निर्देश दिए हैं और उठाए गए तथ्यों पर विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही शिकायतकर्ता को भी जांच की प्रगति से अवगत कराने को कहा गया है।
पत्र में केंद्र सरकार ने मामले को गंभीर बताते हुए नाराजगी जाहिर की है। शिकायत में आरोप है कि बालको क्षेत्र से जुड़ी एक सड़क परियोजना के लिए DMF फंड का इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया गया। ननकीराम कंवर का कहना है कि यह सड़क निजी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी है और इसका निर्माण संबंधित कंपनी के CSR फंड से होना चाहिए था, न कि जिला खनिज न्यास निधि से।
शिकायत के अनुसार दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए DMF मद से करीब 26 करोड़ रुपये स्वीकृत (Nankiram Kanwar Letter) किए गए थे। इस निर्णय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े किए गए हैं और अब केंद्र के निर्देश के बाद पूरे प्रकरण की औपचारिक जांच की राह खुल गई है।
यह पहली बार नहीं है जब इस विषय पर दिल्ली तक बात पहुंची हो। इससे पहले भी इस मामले में पत्राचार हो चुका है, लेकिन ताजा निर्देशों के बाद जांच की गति तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
मामले के राजनीतिक असर भी सामने आने लगे हैं। सत्तापक्ष की ओर से कहा गया है कि भ्रष्टाचार के हर आरोप की निष्पक्ष जांच होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए अलग राय रखी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने (Nankiram Kanwar Letter) आते हैं और DMF फंड से जुड़े इस मामले में आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं।


