सीजी भास्कर, 19 जनवरी। कुछ आयोजन सिर्फ मंच और कार्यक्रम नहीं होते, वे समाज की सोच को दिशा देने का काम (Nava Raipur Cultural Festival) करते हैं। जनवरी के अंतिम सप्ताह में ऐसा ही एक आयोजन होने जा रहा है, जहां शब्दों के जरिए इतिहास, वर्तमान और भविष्य के बीच संवाद रचा जाएगा। इसकी तैयारियों ने पहले ही साहित्यिक हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन साहित्य, कला और विचार विमर्श का एक जीवंत मंच बनेगा, जहां देश-प्रदेश के लेखक, चिंतक, कलाकार और पाठक बड़ी संख्या में जुटेंगे।
आयोजन के दौरान देश और प्रदेश के करीब 120 प्रतिष्ठित साहित्यकारों की सहभागिता रहेगी। कुल 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन चर्चा (Nava Raipur Cultural Festival) होगी। भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, नवजागरण, इतिहास और साहित्य, जनजातीय लेखन, महिला लेखन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर संवाद इस उत्सव की पहचान बनेंगे।
साहित्य और कला के साथ रंगमंच भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। 23 जनवरी की शाम प्रसिद्ध नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा, जबकि सिनेमा और संस्कृति से जुड़े चर्चित नाम भी विभिन्न सत्रों में भाग लेंगे। 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ आयोजित किया जाएगा।
आयोजन स्थल पर चार अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ और देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर किया गया है। इसके साथ ही एक विशाल पुस्तक मेला भी लगाया (Nava Raipur Cultural Festival) जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के लगभग 15 प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। छत्तीसगढ़ के स्थानीय साहित्यकारों और विद्यार्थियों की रचनाओं को भी विशेष स्थान दिया जाएगा।
साहित्य उत्सव के दौरान नई पुस्तकों का विमोचन, युवा रचनाकारों के लिए टैलेंट ज़ोन, लोकनृत्य, गीत-संगीत, कहानी और काव्य-पाठ की प्रस्तुतियां होंगी। प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खान-पान के लिए विशेष फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन द्वारा आगंतुकों की सुविधा के लिए पुराने रायपुर से पुरखौती मुक्तांगन तक निःशुल्क बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों से लगभग 20 बसें संचालित (Nava Raipur Cultural Festival) होंगी। आयोजन की व्यवस्थाओं में करीब 500 अधिकारी-कर्मचारी जुटे हुए हैं, ताकि साहित्य प्रेमियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रायपुर साहित्य उत्सव–2026 को छत्तीसगढ़ की बौद्धिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा के सशक्त प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन साहित्य के माध्यम से संवाद, संवेदना और सृजनशीलता को नई ऊर्जा देने का प्रयास है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा।




