सीजी भास्कर, 07 जनवरी। नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्ती के संदेश के साथ रायपुर की विशेष अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा (NDPS Act Raipur Verdict) सुनाई है। अदालत ने ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध तस्करी के मामले में दो आरोपियों को 10-10 साल की सश्रम कैद दी, जबकि 7 किलो से अधिक गांजा रखने के मामले में एक आरोपी को सात साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई गई।
मामला-1: ट्रामाडोल कैप्सूल की तस्करी, दो आरोपियों को 10-10 साल
विशेष लोक अभियोजक के के चंद्राकर ने बताया कि 19 अक्टूबर 2022 को थाना टिकरापारा क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पुराना धमतरी रोड, हनुमान नगर इलाके में रेड कार्रवाई की। बिना तलाशी वारंट, स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को मौके से पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम एहसान खान उर्फ एहसान और सरफराज खान उर्फ शाहरुख बताए। तलाशी में उनके पास मौजूद काले रंग के केरी बैग से ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद (NDPS Act Raipur Verdict) किए गए। दोनों के कब्जे से 144-144 कैप्सूल मिले, जिनके संबंध में न तो कोई वैध लाइसेंस था और न ही डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन।
मौके पर जब्ती, सीलिंग और बाद में एफएसएल रिपोर्ट से पुष्टि के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई।
मामला-2: 7.206 किलो गांजा, सात साल की सश्रम कैद
दूसरा मामला थाना सरस्वती नगर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर परशुराम चौक, कोटा स्टेडियम के सामने पुलिस ने एक संदिग्ध को रोका। आरोपी ने अपना नाम भार्गव तांडी उर्फ चीकू तांडी बताया।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत नोटिस देने के बाद तलाशी ली गई, जिसमें आरोपी की मोटरसाइकिल से खाकी पॉलीथिन में पैक गांजा बरामद हुआ। तौल में गांजा का कुल वजन 7.206 किलोग्राम पाया गया। मौके पर सैंपलिंग और सीलिंग की गई, वहीं एफएसएल रायपुर से गांजा होने की पुष्टि हुई। साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सात साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई।
सख्त संदेश
इन दोनों फैसलों के जरिए अदालत ने साफ संकेत (NDPS Act Raipur Verdict) दिया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस और अभियोजन की संयुक्त कार्रवाई को न्यायिक समर्थन मिलने से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।





