छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री से जुड़े मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है। अदालत ने साफ कहा कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। इस फैसले को (NDPS Court Verdict Raipur) के रूप में देखा जा रहा है, जो नशा तस्करी के खिलाफ कड़ा संदेश देता है।
गांजा तस्करी मामले में दो आरोपियों को 15-15 साल की सजा
पहले मामले में एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश Pankaj Kumar Sinha ने गांजा तस्करी के दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह मामला Telibandha Police Station क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने सूचना के आधार पर एक कार में सवार युवकों को पकड़कर जांच की थी। जांच के दौरान वाहन और आरोपियों की तलाशी में गांजा बरामद हुआ। अदालत ने सुनवाई के बाद इसे गंभीर अपराध मानते हुए (Ganja Smuggling Case) में कड़ी सजा सुनाई।
नशीली टैबलेट बेचने वाले युवक को 3 साल की कैद
दूसरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत की न्यायाधीश Kiran Thawait ने नशीली टैबलेट बेचने के आरोपी युवक को दोषी ठहराया। पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ा था और उसके पास से प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई थीं। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला (Drug Tablet Case) में अदालत की सख्ती को दर्शाता है।
नशे के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई का संकेत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में नशे की तस्करी और अवैध बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में पुलिस और न्यायालय दोनों स्तरों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक (Anti Drug Campaign) के तहत आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके।





