Negligence Death Raipur : राजधानी रायपुर में लापरवाही से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर चार साल की मासूम बच्ची की जान चली गई, तो दूसरी ओर ठंड से बचने की कोशिश एक बुजुर्ग के लिए आखिरी साबित हुई।
मोवा में खुले गड्ढे ने छीनी चार साल की रिया की सांसें
मोवा इलाके में एक पारिवारिक खुशी मातम में बदल गई। गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होने आई चार साल की रिया महिलांग टॉयलेट जाने के दौरान बाथरूम में बनाए गए सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिर गई। बताया गया कि चार दिन पहले टैंक खाली करने के लिए गड्ढा खोदा गया था, जिसे सिर्फ बोरी से ढंककर छोड़ दिया गया था।
चीख सुनकर दौड़े लोग, लेकिन वक्त निकल चुका था
बच्ची की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रिया को बाहर निकाला गया, पर उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण और मरम्मत कार्यों में बरती जा रही Safety Negligence को उजागर कर दिया है।
टाटीबंध में रूम हीटर बना मौत की वजह
दूसरी दर्दनाक घटना टाटीबंध क्षेत्र से सामने आई, जहां ठंड से बचने के लिए चलाया गया रूम हीटर जानलेवा साबित हुआ। कमरे में अकेले सो रहे 70 वर्षीय राजकुमार गुप्ता की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई। आग की लपटें उठने पर आसपास के लोग पहुंचे और दमकल टीम को सूचना दी गई।
आग में जल गया घर का सामान, बची सिर्फ खामोशी
आग लगने से कमरे के भीतर रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक बुजुर्ग की जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना दिखाती है कि घरेलू उपकरणों की छोटी सी चूक भी कितनी भारी पड़ सकती है।
हीटर इस्तेमाल में बरतें सावधानी
विशेषज्ञों ने लोगों को रूम हीटर के इस्तेमाल में सतर्क रहने की सलाह दी है। हीटर से कम से कम तीन फीट की दूरी पर कपड़े, रजाई या ज्वलनशील सामान न रखें। सोते समय हीटर चालू न छोड़ें, कमरे में उचित वेंटिलेशन रखें और बच्चों की पहुंच से हीटर दूर रखें।
लापरवाही नहीं, सतर्कता ही बचा सकती है जान
इन दोनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि चाहे निर्माण कार्य हो या घरेलू उपकरणों का उपयोग, थोड़ी सी सतर्कता कई जिंदगियां बचा सकती है। लापरवाही की कीमत अक्सर वही चुकाते हैं, जिनकी गलती नहीं होती।




