सीजी भास्कर, 18 फरवरी। छोटे से उधारी विवाद ने थाना पुसौर क्षेत्र के सारथी मोहल्ला में ऐसा तूल पकड़ा कि मामला गाली-गलौच से बढ़ते हुए धारदार वस्तु से हमले तक पहुंच गया। पड़ोसियों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में दो लोग घायल हो गए, जबकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वार्ड क्रमांक 12 निवासी 29 वर्षीय विक्रम सारथी ने 25 जनवरी 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसके बड़े भाई और चाची के साथ पड़ोस में रहने वाले दिलीप सारथी तथा उसकी पत्नी दीपा सारथी ने पहले कहासुनी की, फिर हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। विवाद की जड़ कुछ माह पहले दिए गए लगभग 3,000 रुपये बताए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर वापस नहीं किए गए थे।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि झगड़े के दौरान दीपा सारथी ने ब्लेड से वार कर विक्रम और उसकी चाची को घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों पक्षों में तनाव काफी बढ़ चुका था।
मेडिकल रिपोर्ट में धारदार चोट की पुष्टि
शिकायत के आधार पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 296, 351(2), 115(2), 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घायलों के मेडिकल परीक्षण में डॉक्टरों ने धारदार वस्तु से चोट की पुष्टि की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 118(1) बीएनएस भी जोड़ दी, जिससे प्रकरण गैर-जमानतीय श्रेणी में आ गया।
आरोपियों की पृष्ठभूमि भी खंगाली
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिलीप सारथी के विरुद्ध पूर्व में भी सड़क दुर्घटना और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पहले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से कथित रूप से इस्तेमाल किया गया पुराना शेविंग ब्लेड भी बरामद किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि आपसी विवादों को हिंसक रूप देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका स्पष्ट संदेश है कि छोटी-छोटी बातों पर कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मामूली आर्थिक लेन-देन को लेकर बढ़ते तनाव समाज में संवाद की कमी को दर्शाते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रही है और दोनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में हैं।





