सीजी भास्कर, 07 फरवरी | रायपुर से जगदलपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को केशकाल के पास उस समय हलचल मच गई, जब NH-30 Road Inspection के तहत राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना काफिला अचानक रुकवाया। कारण था राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य, जिसकी स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही जायजा लेने का फैसला किया।
निर्माण की गति और गुणवत्ता पर पैनी नजर
मुख्यमंत्री साय स्वयं वाहन से उतरकर निर्माण स्थल तक पहुंचे और सड़क की गुणवत्ता, लेयरिंग और कार्य की प्रगति को बारीकी से देखा। उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और तय मानकों का हर हाल में पालन होना चाहिए।
बस्तर की लाइफलाइन है NH-30
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएच-30 बस्तर संभाग की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और पड़ोसी राज्यों से जोड़ती है। ऐसे में इस मार्ग पर बनने वाली सड़क न केवल मजबूत होनी चाहिए, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ भी होनी चाहिए। NH-30 Road Inspection को उन्होंने आम जनता की सुविधा से सीधा जुड़ा बताया।
केशकाल बायपास के काम पर भी ली रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान केशकाल नगर के साथ-साथ केशकाल बायपास निर्माण कार्य की भी जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि काम समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।
कोंडागांव में दीदी की रसोई का दौरा
इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे, जहां उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का अवलोकन किया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया और स्थानीय व्यंजनों से अतिथियों का सत्कार किया।
फरा और अंगाकर रोटी का लिया स्वाद
मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर की पारंपरिक पहचान बने फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद चखा। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने समूह की महिलाओं से आय, कामकाज और बाजार से जुड़ी जानकारी ली और कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार हैं।
लोक कलाकारों की कला को मिली सराहना
कार्यक्रम के दौरान जिले के लोक कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से संवाद कर उनके रचनात्मक प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि स्थानीय कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।




