सीजी भास्कर, 12 नवंबर। बस्तर स्थित एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL Jagdalpur Scam) नगरनार स्टील प्लांट से 120 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का बड़ा प्रयास किया गया, लेकिन समय रहते अधिकारियों की सतर्कता से यह धोखाधड़ी विफल हो गई। ठगों ने कंपनी को झांसा देकर अमेरिका की फर्जी बैंक अकाउंट डिटेल्स भेजीं और रकम को ट्रांसफर कराने की कोशिश की।
यह ठगी 31 अक्टूबर को हुई थी, जब एनएसएल को अपने अमेरिकी वेंडर कंपनी को कोयला आयात भुगतान भेजना था। इसी दौरान ठगों ने वेंडर कंपनी की ईमेल आइडी की नकल कर (फर्जी ईमेल बनाकर) एनएसएल (NSL Jagdalpur Scam) को नया बैंक अकाउंट नंबर भेजा। अधिकारियों ने उसी अकाउंट में कुछ राशि ट्रांसफर भी कर दी, जो अमेरिका के रीजन बैंक (Regions Bank) में एसबीआई के माध्यम से भेजी गई थी।
जांच में खुला फर्जी ईमेल का राज
वित्तीय लेन-देन के दौरान जब अकाउंट बदलाव पर संदेह हुआ, तो एनएसएल अधिकारियों ने विदेशी कंपनी से सीधे संपर्क किया। कंपनी ने साफ किया कि उन्होंने कोई नया बैंक अकाउंट साझा नहीं किया था। शंका की पुष्टि होते ही एनएसएल, एसबीआई और अमेरिकी बैंक ने तत्काल भुगतान रोक (Hold) दिया, जिससे साइबर ठग राशि नहीं निकाल सके।
(NSL Jagdalpur Scam) कंपनी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मामले की आंतरिक जांच के बाद एनएसएल ने 5 नवंबर को जगदलपुर साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराई। साइबर टीम और बैंक की त्वरित कार्रवाई से पूरी राशि एनएसएल के बैंक खाते में वापस लौटा दी गई। कंपनी जांच में यह पाया गया कि वित्तीय सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई थी। एनएसएल प्रबंधन ने महाप्रबंधक ललित दास, जुगनू ठाकुर, और एक्जीक्यूटिव किरण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा सतीश कुमार चौधरी, साम्या भोकिया, और दीपेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
करोड़ों की साइबर ठगी से बची सरकारी कंपनी
यह घटना सरकारी कंपनियों में साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे की ओर संकेत करती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कुछ घंटे की देरी होती, तो ठग पूरी राशि निकाल सकते थे। एनएसएल ने एसबीआई और अमेरिकी बैंक का सहयोग मिलने पर आभार जताया। दोनों संस्थानों ने अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन को होल्ड कर, भारत और अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया।


