सीजी भास्कर, 17 जनवरी। धान उपार्जन व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी से जुड़े दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरतने पर दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई (Paddy Procurement Negligence) के मामलों में प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार सक्ती जिले में पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को धान उपार्जन केंद्र भोथिया का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्हें धान खरीदी, टोकन सत्यापन और किसानों से जुड़े कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन अपने दायित्वों के निर्वहन में उनके द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई। इसके साथ ही टोकन सत्यापन से संबंधित समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना और अनुमति के अनुपस्थित रहना भी (Paddy Procurement Negligence) की श्रेणी में माना गया। इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसी तरह मालखरौदा विकासखंड के समिति सकर्रा एवं सोनादुला में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया पर भी कार्रवाई की गई है। उनके द्वारा शासन के निर्देशों की अवहेलना, धान खरीदी से जुड़े कार्यों में शिथिलता तथा भौतिक सत्यापन और टोकन सत्यापन में गंभीर लापरवाही पाई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह की कार्यप्रणाली से धान उपार्जन व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, जिसे प्रशासन ने (Paddy Procurement Negligence) मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक समझी।
कलेक्टर ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और जिम्मेदारी सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और हितों से जुड़ी इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी नोडल अधिकारी, पटवारी और समिति प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित निरीक्षण करें, टोकन सत्यापन में सतर्कता बरतें और शासन के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से (Paddy Procurement Negligence) पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और धान उपार्जन व्यवस्था अधिक सुचारू और भरोसेमंद बनेगी। आने वाले दिनों में भी धान खरीदी कार्यों की लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।


