सीजी भास्कर, 10 जनवरी। राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए धान विक्रय से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की समय सीमा (Paddy Registration Deadline) बढ़ा दी है। इस निर्णय से बड़ी संख्या में उन किसानों को राहत मिलेगी, जो तकनीकी अथवा दस्तावेजी कारणों से समय पर पंजीयन अथवा संशोधन नहीं करा पाए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए कैरी फॉरवर्ड (Carry Forward) की सुविधा, वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का नवीन पंजीयन, त्रुटिपूर्ण आधार से जुड़े मामलों में पूर्व पंजीयन को निरस्त कर नवीन पंजीयन, साथ ही राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर जिला कलेक्टर की अनुशंसा से किए जाने वाले नवीन पंजीयन (Paddy Registration Deadline) की अंतिम तिथि अब 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
इसके अलावा फसल संशोधन, रकबा संशोधन सहित अन्य सभी प्रकार के संशोधन कार्यों के लिए समय सीमा बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 कर दी गई है। इससे ऐसे किसान, जिनके पंजीयन में फसल या रकबे से संबंधित त्रुटियां रह गई थीं, वे निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सुधार करा सकेंगे।
यह संपूर्ण प्रावधान आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के समिति मॉड्यूल में लागू कर दिया गया है, जिससे किसान बंधु संबंधित समिति के माध्यम से पंजीयन, संशोधन एवं आवश्यक सुधार कराकर धान विक्रय (Paddy Registration Deadline) की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
प्रशासन का कहना है कि समय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी कारणों से धान विक्रय से वंचित न रहे। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपने दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक सुधार अवश्य करवा लें।


