सीजी भास्कर 19 जनवरी Paddy Scam Protest : राजधानी रायपुर में सोमवार को छात्र संगठन एनएसयूआई ने धान घोटाले को लेकर ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने प्रशासनिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों का भी ध्यान खींचा। कार्यकर्ता चूहे का वेश धारण कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धान खरीदी केंद्रों में सामने आए कथित घोटाले के खिलाफ प्रतीकात्मक आक्रोश जताया.
‘चूहों ने खा लिया धान’ पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियों और नारों के जरिए उस तर्क पर सवाल उठाए, जिसमें धान के नुकसान की वजह चूहों को बताया जा रहा है। एनएसयूआई नेताओं का कहना था कि करोड़ों रुपये के नुकसान को इस तरह के बहानों से ढकने की कोशिश की जा रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
एनएसयूआई ने अपने इस प्रदर्शन को “चूहे को न्याय” नाम देते हुए कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि धान घोटाले से जुड़े गंभीर तथ्यों को नजरअंदाज कर जिम्मेदारी से बचा जा रहा है.
अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
ज्ञापन में संगठन ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल आर्थिक नुकसान का नहीं, बल्कि किसानों, छात्र-युवाओं और आम नागरिकों के भरोसे से जुड़ा है। एनएसयूआई का कहना है कि खाद्य विभाग के उच्च स्तर पर जवाबदेही तय किए बिना सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
सरकार पर बढ़ता नैतिक दबाव
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल हो जाएगा.
एनएसयूआई की प्रमुख मांगें
एनएसयूआई ने ज्ञापन के जरिए शासन से मांग की है कि धान घोटाले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो, जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाए.




