Panna Tiger Reserve Controversy : मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में मंत्रियों की टाइगर स्पॉटिंग अब विवाद की वजह बन गई है। आरोप सामने आए हैं कि वीआईपी विजिट के दौरान बाघ को दिखाने के लिए तय नियमों को दरकिनार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने रिजर्व प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण मांगा है।
हाथियों से घेराबंदी का आरोप, नियमों पर सवाल
बताया गया है कि राज्य सरकार के पांच मंत्री पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचे थे। टाइगर स्पॉटिंग के दौरान दो हाथियों का इस्तेमाल कर बाघ को सीमित इलाके में रोका गया, ताकि जिप्सी में बैठे मंत्रियों को उसका दर्शन कराया जा सके। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े जानकार इसे (Wildlife Protocol Violation) मानते हैं और इसे बाघ के प्राकृतिक व्यवहार में दखल करार दे रहे हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी, बाघों के व्यवहार पर असर की आशंका
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघ आम तौर पर हाथियों से दूरी बनाए रखते हैं। हाथियों की मौजूदगी से बाघ पर मानसिक दबाव पड़ता है और वह अस्वाभाविक प्रतिक्रिया दे सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां (Tiger Conservation Rules) के तहत प्रतिबंधित मानी जाती हैं, खासकर तब जब उद्देश्य केवल वीआईपी स्पॉटिंग हो।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। वीडियो में हाथियों की मौजूदगी और बाघ की मूवमेंट सीमित होती दिख रही है। शिकायत के आधार पर कहा गया है कि यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के मूल भाव के खिलाफ है। इसी के बाद (NTCA Inquiry) की प्रक्रिया शुरू की गई।
पार्क प्रबंधन की चुप्पी, निगरानी की बात स्वीकार
पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी इस मामले पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए। हालांकि यह स्वीकार किया गया कि बाघ की गतिविधियों पर हाथियों के माध्यम से निगरानी की जा रही थी। आधिकारिक तौर पर प्रबंधन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मंत्रियों की मौजूदगी के दौरान कोई विशेष व्यवस्था की गई थी या नहीं, जिससे (Forest Department Response) पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सियासी घमासान, विपक्ष ने उठाए तीखे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संरक्षण के नाम पर बने नियमों को वीआईपी सुविधा के लिए तोड़ा गया। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अब (Political Reaction) के बीच NTCA की रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, जिन मंत्रियों ने बाघ दर्शन किए उनमें प्रहलाद सिंह पटेल, विजय शाह, इंदर सिंह परमार, लखन पटेल और दिलीप अहिरवार शामिल हैं। अब NTCA की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि इस मामले में प्रशासनिक या कानूनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं। (Next Action) पर सबकी नजर टिकी हुई है।





