सीजी भास्कर 16 दिसम्बर बिहार की राजधानी पटना में एक आईटी इंजीनियर के घर हुई डकैती ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाईपास थाना क्षेत्र की सोनालिका कोऑपरेटिव कॉलोनी में आधी रात हथियारों से लैस बदमाशों ने घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाया और लाखों की लूट को अंजाम दिया। Patna Robbery Case की यह वारदात इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सीढ़ी की ग्रिल तोड़कर घर में दाखिल हुए बदमाश
घटना 9 दिसंबर की रात करीब 1:30 बजे की है, जब आईटी प्रोग्रामर पुष्कर कुमार के घर आठ बदमाश सीढ़ी की ग्रिल और ताले तोड़ते हुए अंदर घुस आए। उस समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में थे। हथियार दिखाकर बदमाशों ने सभी को जगाया और बिना किसी विरोध का मौका दिए एक कमरे में बंद कर दिया।
हाथ-पैर बांधकर घंटों चला आतंक
परिजनों के अनुसार, बदमाशों ने आईटी इंजीनियर, उनकी मां, पत्नी और अन्य सदस्यों के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। कुछ लोगों ने जब विरोध किया तो चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। इसके बाद अपराधी पूरी बेफिक्री से घर में लूटपाट करते रहे। यह दृश्य Armed House Loot की भयावह तस्वीर पेश करता है।
अलमारी और लॉकर तोड़कर समेटी गई संपत्ति
डकैतों ने घर में रखी अलमारियां और लॉकर तोड़ दिए। नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान मिलाकर करीब 54 लाख रुपये की संपत्ति लूट ली गई। बदमाश लगातार शोर मचाते हुए पैसों की जानकारी पूछते रहे, जिससे घर का माहौल और डरावना हो गया।
मोबाइल और CCTV तोड़कर सबूत मिटाने की कोशिश
लूट के बाद बदमाश घर के सभी मोबाइल फोन अपने साथ ले गए और भागने से पहले उन्हें शौचालय में डाल दिया, ताकि तुरंत पुलिस को सूचना न दी जा सके। इसके साथ ही मुख्य द्वार और घर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। यह पूरा तरीका Planned Robbery Crime की ओर इशारा करता है।
तीन दिन तक दहशत में कैद रहा परिवार
परिजनों ने बताया कि उनका मकान कॉलोनी में थोड़ा अलग-थलग है, जिसका फायदा बदमाशों ने उठाया। डकैती के बाद परिवार इतना डर गया कि तीन दिनों तक घर से बाहर निकलने या पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आखिरकार 12 दिसंबर को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच में जुटी, इलाके में बढ़ी चिंता
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मौके का मुआयना किया, फॉरेंसिक टीम को बुलाया और आसपास के फुटेज खंगाले। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में असुरक्षा की भावना गहराई है, जो Urban Safety Concern को उजागर करती है।





