सीजी भास्कर, 27 अगस्त। मानसून की तबाही ने इस बार पंजाब को गहरी चोट दी है। मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं।
पंजाब में नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ने से हजारों एकड़ जमीन, फसलें और गांव जलमग्न हो गए हैं। कई घर ढह चुके हैं और सड़कों का संपर्क टूट चुका है।
बांधों का जलस्तर पार, गांवों में बढ़ा खतरा
पौंग बांध और रणजीत सागर बांध का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
22 जवान और 3 नागरिकों की जान बचाई गई
इस मुश्किल घड़ी में सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ और एसडीआरएफ लगातार बचाव कार्य कर रहे हैं। मंगलवार को भारतीय सेना के एविएशन हेलीकॉप्टरों ने माधोपुर हेडवर्क्स के पास बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया।
एक इमारत में फंसे 22 सीआरपीएफ जवान और 3 नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
सेना के मुताबिक जैसे ही सभी को बाहर लाया गया, कुछ ही देर बाद वह इमारत पूरी तरह ढह गई।
इस ऑपरेशन ने फिर साबित कर दिया कि भारतीय सेना संकट की घड़ी में हर बार मजबूती से खड़ी रहती है।
सरकार ने रद्द की छुट्टियां
बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। पंजाब सरकार ने स्थिति को देखते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तुरंत रद्द कर दी हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।