सीजी भास्कर, 01 मई : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत पांडुका में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana Scam) के नाम पर गरीब ग्रामीणों से अवैध वसूली का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस भ्रष्टाचार कांड में अब कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल पेमेंट के स्क्रीनशॉट सामने आने से हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला PM Awas Yojana Scam
शिकायतकर्ता मिलेश्वरी निर्मलकर ने कलेक्टर जनदर्शन में साक्ष्यों के साथ गुहार लगाई है। आरोप है कि जनपद पंचायत छुरा के अंतर्गत आने वाली इस पंचायत में हितग्राहियों को आवास दिलाने के बदले मोटी रकम ऐंठी गई। जांच रिपोर्ट (25 नवंबर 2024) में भी इस वसूली की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन अब नए साक्ष्यों ने आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
डिजिटल साक्ष्य बने गले की फांस
शिकायत के साथ एक अहम स्क्रीनशाट पेश किया गया है, जिसमें 16,100 रुपये की राशि उपसरपंच भवानी शंकर सोनी के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी चर्चा में है जिसमें पैसों के लेन-देन को लेकर स्पष्ट बातचीत सुनाई दे रही है। हालांकि प्रशासन इस आडियो की वैज्ञानिक पुष्टि कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों ने इसे जांच में निर्णायक सबूत बताया है।
जांच में कौन-कौन दोषी
प्रारंभिक जांच दल ने उपलब्ध बयानों और साक्ष्यों के आधार पर उपसरपंच भवानी शंकर सोनी और पंच चमन देवांगन को अवैध वसूली का मुख्य सूत्रधार माना है। इसे न केवल सरकारी योजना का उल्लंघन, बल्कि गरीबों के अधिकारों का सीधा शोषण करार दिया गया है।
ग्रामीणों की 3 प्रमुख मांगें
दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई हो।
भ्रष्ट प्रतिनिधियों को भविष्य में चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाए।
वसूली गई राशि को तत्काल प्रभाव से पीड़ित ग्रामीणों को वापस दिलाया जाए।




