सीजी भास्कर,01 मई । दिल्ली से लेकर असम तक इस फैसले की चर्चा तेज (Pawan Khera Bail) हो गई है। Pawan Khera bail को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने सियासी माहौल को एकदम गर्म कर दिया है। कोर्ट से राहत मिलने की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हलचल दिखी, वहीं विरोधी खेमे में भी इसे लेकर अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ग्राउंड पर लोगों की राय भी बंटी नजर आई। कुछ लोग इसे राजनीतिक मामलों में राहत मान रहे हैं, तो कुछ इसे बयानबाजी की सीमा से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन एक बात साफ दिखी कि यह फैसला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक असर भी लेकर आया है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। असम पुलिस द्वारा दर्ज जालसाजी और मानहानि से जुड़े केस में कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है और उन्हें जांच के दौरान कानूनी सुरक्षा मिल गई है।
हाईकोर्ट का फैसला पलटा (Pawan Khera Bail)
जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और ए. एस. चंदुरकर की बेंच ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के उस आदेश को बदल दिया, जिसमें अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पूरे मामले में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संकेत नजर आते हैं, जिससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा जरूरी हो जाती है।
Pawan Khera bail पर कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान दोनों पक्षों को लेकर कड़ी टिप्पणी भी की। कोर्ट ने माना कि पहली नजर में यह लगता है कि खेड़ा के कुछ बयान राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से दिए गए हो सकते हैं।
वहीं दूसरी तरफ हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर भी अदालत ने टिप्पणी (Pawan Khera Bail) की। कोर्ट ने कहा कि उनके कुछ बयान भी संसदीय भाषा के दायरे में नहीं आते, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बयान से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला उस बयान से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर आरोप लगाए थे। इसी बयान के बाद असम पुलिस ने उनके खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं में केस दर्ज किया था।
आरोपों को बताया गलत
इससे पहले हाईकोर्ट में अपनी याचिका के दौरान पवन खेड़ा ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए (Pawan Khera Bail) गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनके बयान राजनीतिक संदर्भ में दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने उनके बयानों को चुनकर अलग तरीके से पेश किया।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है। हालांकि केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और आने वाले समय में इस मामले में और भी कानूनी पहलू सामने आ सकते हैं।


