सीजी भास्कर, 1 मई : छत्तीसगढ़ के संसदीय इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। विधानसभा में आयोजित एक दिवसीय महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) के दौरान संसद और देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत यानी एक तिहाई आरक्षण लागू करने के संकल्प पर व्यापक चर्चा हुई और इसे जबरदस्त समर्थन मिला।
प्रधानमंत्री के विजन को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मातृशक्ति केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि सृजन और सामर्थ्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की जो मजबूत नींव रखी गई है, उसे अब राजनीतिक भागीदारी के जरिए और अधिक सशक्त करना हमारा अगला महत्वपूर्ण कदम है। महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) इसी सार्थक प्रयास का एक हिस्सा है।
विधानसभा अध्यक्ष का जताया आभार
इस ऐतिहासिक पहल के लिए मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति विशेष रूप से आभार प्रकट किया। विष्णुदेव साय ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनेगा और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर माना जाएगा। महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) में सदन की गरिमा देखते ही बनती थी।
सदन में गूंजे सशक्त स्वर
विशेष सत्र के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से आई महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सदन में उपस्थित वरिष्ठ विधायकों और महिला नेतृत्व ने पूरे मनोयोग से चर्चा में भाग लिया। चर्चा के दौरान यह बात उभरकर आई कि महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) के माध्यम से देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीति से ऊपर राष्ट्र का विकास
विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) का यह विषय किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ विधानसभा से निकला यह संकल्प अब पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया है।
ऐतिहासिक उपस्थिति और समर्थन
सदन की कार्यवाही के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने विचार रखे। महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आरक्षण के इस संकल्प से समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं का नेतृत्व और अधिक प्रभावी होकर उभरेगा। आने वाले समय में महिला आरक्षण विशेष सत्र (Women Reservation Special Session) के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।


