सीजी भास्कर, 1 मई : पश्चिम बंगाल में सियासी (West Bengal Assembly Election 2026) माहौल इन दिनों काफी गर्म नजर आ रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के एक स्ट्रांग रूम में तीन घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बता दें कि यह वही स्थान है, जहां ईवीएम और मतपत्रों को सुरक्षित रखा जाता है। स्ट्रांग रूम से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ किए जाने के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी ने मशीनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने की कोशिश की, तो वह इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगी। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और साफ-सुथरी होनी चाहिए। इसी बीच उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी कुछ वीडियो जारी किए हैं, जिनमें नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
ममता बनर्जी (West Bengal Assembly Election 2026) ने साफ तौर पर कहा कि अगर कोई ईवीएम चोरी करने या मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, तो वह उसका पूरी ताकत से विरोध करेंगी। उन्होंने कहा कि वह अंतिम सांस तक इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि चुनाव में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्ट्रांग रूम का दौरा और उठे सवाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Assembly Election 2026) ने दक्षिण कोलकाता स्थित सखावत मेमोरियल स्कूल में बनाए गए स्ट्रांग रूम का दौरा किया। इसी स्थान पर भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनों को रखा गया है। ममता ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उनके मन में संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करने का फैसला किया।
सुरक्षा बलों और प्रक्रिया पर लगाए आरोप
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि शुरुआत में उन्हें स्ट्रांग रूम के भीतर जाने से रोक दिया गया था। हालांकि बाद में उम्मीदवार होने के अधिकार के आधार पर उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों के साथ गलत व्यवहार किया गया तथा एकतरफा कार्रवाई की गई। टीएमसी ने इस पूरे मामले में बीजेपी और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
बीजेपी कार्यकर्ताओं का हंगामा
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी के एक वाहन की आवाजाही को रोक दिया था। इस दौरान बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने दावा किया था कि वाहन के भीतर कुछ संदिग्ध सामग्री मौजूद है। उनका आरोप था कि ममता बनर्जी अपने वाहन में कुछ लेकर आई हैं। इसी कारण वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।


