सीजी भास्कर, 12 नवंबर। राज्य सरकार ने ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण (PMGSY Road Renovation) के लिए बड़ी पहल की है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी (CGRRDA) ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 84.21 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि से रायपुर जिले सहित कई ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़कों की मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा। मुख्य अभियंता कार्यालय रायपुर ने इस संबंध में निविदा (Tender) जारी कर दी है।
रायपुर जिले की ग्रामीण सड़कों की होगी मरम्मत
जारी निविदा में रायपुर जिले की कई ग्रामीण सड़कों को शामिल किया गया है। बरसात के मौसम में खराब सड़कों के कारण कई गांवों का संपर्क कट जाता था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद गांवों को सुगम सड़क संपर्क मिल सकेगा और परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा।
ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
सीजीआरआरडीए के अनुसार, सभी आवेदन राज्य शासन के ई-निविदा पोर्टल पर स्वीकार किए जाएंगे। ठेकेदारों को बोली लगाने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (DSC) आवश्यक होगा। विभाग ने कहा कि इस प्रणाली से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और केवल योग्य ठेकेदारों का चयन किया जाएगा।
(PMGSY Road Renovation) पहले चरण की सड़कों का होगा नवीनीकरण
एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि जिन सड़कों की मरम्मत की जाएगी, वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के शुरुआती चरणों में निर्मित थीं। समय के साथ इन सड़कों पर दरारें और गड्ढे बन गए थे, जिससे आवागमन कठिन हो गया था। अब नवीनीकरण के बाद इन मार्गों से कृषि उपज का परिवहन, छात्रों की आवाजाही, और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।
(PMGSY Road Renovation) बरसात में टूटता संपर्क अब जुड़ सकेगा
बरसात के दिनों में कई ग्रामीण सड़कें कीचड़ और जलभराव से खराब हो जाती थीं, जिससे गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता था। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि नवीनीकरण के बाद अब गांवों तक पक्की और समतल सड़कें बन सकेंगी, जिससे उनके जीवन में राहत आएगी।
विभाग ने जारी की निविदा समय सीमा
निविदा प्रक्रिया के तहत आवेदन की अंतिम तिथि जल्द जारी की जाएगी। विभाग का कहना है कि पात्र ठेकेदारों को ऑनलाइन आवेदन के साथ वित्तीय और तकनीकी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। अधिकारियों का मानना है कि सड़क सुधार से ग्रामीण बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे कृषि उत्पादों के परिवहन में लागत घटेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी


