सीजी भास्कर, 18 जून : नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग और प्रदेश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले 61 पुलिस निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा और वन टाइम नीति के तहत यह पुलिस निरीक्षक तबादला (Police Inspector Transfer) किया गया है। वर्षों तक नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले इन अधिकारियों को अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है।
नक्सल क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और कोंडागांव जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में लंबे समय से तैनात निरीक्षकों को नई पोस्टिंग दी गई है। यह पुलिस निरीक्षक तबादला (Police Inspector Transfer) उन अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्होंने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में कानून व्यवस्था और सुरक्षा अभियानों की जिम्मेदारी संभाली।
इन अधिकारियों ने नक्सल विरोधी अभियानों में हिस्सा लेते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, ग्रामीण इलाकों में विश्वास बहाली और शांति कायम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पुलिस विभाग का मानना है कि इन अधिकारियों के अनुभव का लाभ अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी मिलेगा।
कर्तव्य निभाने के लिए किए निजी जीवन में बड़े त्याग
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कई अधिकारियों ने ड्यूटी के कारण अपने निजी जीवन में भी बड़े त्याग किए। कोरिया निवासी निरीक्षक अमोल खलखो अपनी मां और ससुर के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात थे। वहीं निरीक्षक अनुराग सोनवानी को विवाह के लिए केवल एक दिन पहले अवकाश स्वीकृत हुआ था।
कई अधिकारियों ने वर्षों तक परिवार से दूर रहकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। ऐसे अधिकारियों के लिए यह पुलिस निरीक्षक तबादला (Police Inspector Transfer) नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
अनुभव का लाभ अब अन्य जिलों को मिलेगा
पुलिस मुख्यालय के अनुसार लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण इलाकों में सेवाएं देने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर उनके अनुभव का उपयोग प्रदेशभर में किया जाएगा। यह पुलिस निरीक्षक तबादला (Police Inspector Transfer) प्रशासनिक आवश्यकता के साथ-साथ अधिकारियों के योगदान को सम्मान देने की प्रक्रिया का भी हिस्सा माना जा रहा है।
तबादले के बाद कई अधिकारी अब अपने परिवारों के अपेक्षाकृत करीब रहकर नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। वहीं पुलिस विभाग को उम्मीद है कि इन अधिकारियों का अनुभव कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने में सहायक होगा।





