सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सत्ताधारी दल भाजपा पर तीखे हमले किए। बैज ने भाजपा के कद्दावर नेता अजय चंद्राकर के भाई के घर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर गंभीर (Political Allegations Chhattisgarh) लगाए हैं। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जांच के बजाय पार्टी के भीतर उठने वाली असहमति की आवाजों को दबाने का एक जरिया करार दिया है। बैज ने राजधानी में बढ़ते अपराध, खाद की किल्लत और किसानों के शोषण को लेकर भी साय सरकार को आड़े हाथों लिया।
अपनों को ही डराने का खेल: बैज का दावा
दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा नेता अजय चंद्राकर के परिजनों के यहाँ ईडी की छापेमारी भारत माला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले के संदर्भ में हुई है, लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही बयां करती है। उन्होंने कड़े शब्दों में (Political Allegations Chhattisgarh) लगाते हुए कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले दागी नेताओं को जहां ‘क्लीन चिट’ मिल जाती है, वहीं अपनी ही पार्टी की सरकार को आईना दिखाने वाले अजय चंद्राकर को निशाना बनाया जा रहा है। बैज के अनुसार, चंद्राकर विधानसभा में अपनी ही सरकार के ‘2047 विजन डॉक्यूमेंट’ को झूठ का पुलिंदा बता चुके हैं, जिससे भाजपा नेतृत्व डरा हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले ईडी का उपयोग केवल विरोधियों को दबाने के लिए किया जाता था, लेकिन अब भाजपा उन लोगों के खिलाफ भी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है जो पार्टी के भीतर रहकर नीतियों से असहमत हैं। यह पूरी कार्रवाई अजय चंद्राकर की जुबान बंद करने की एक कोशिश है, जो राज्य में (Political Allegations Chhattisgarh) की नई लहर पैदा कर रही है।
उर्वरक संकट पर सरकार की चुप्पी
खरीफ फसल के आगामी सीजन को लेकर दीपक बैज ने किसानों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि खेती का समय नजदीक आ रहा है, लेकिन समितियों में न यूरिया है और न ही डीएपी। सरकार उर्वरकों के स्टॉक को लेकर पूरी तरह मौन साधे हुए है। बैज ने सरकार की मंशा पर (Political Allegations Chhattisgarh) करते हुए पूछा कि आखिर क्यों बार-बार मांग करने के बावजूद खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा रही है? पिछले साल भी सरकार किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने में विफल रही थी और इस साल भी उसकी तैयारी शून्य नजर आ रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि खरीफ सीजन से पहले सोसायटियों में खाद का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया जाए।
किसानों के खेतों में ‘अडानी’ के लिए जबरिया पाइपलाइन
किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए बैज ने अडानी पावर के लिए किसानों पर किए जा रहे कथित अत्याचारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सनसनीखेज (Political Allegations Chhattisgarh) लगाते हुए कहा कि आरंग ब्लॉक के चिखली और समोदा घाट से रायखेड़ा तक 45 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके लिए किसानों की सहमति लिए बिना उनके खेतों को खोदा जा रहा है, मेड़ काटे जा रहे हैं और पेड़ों की कटाई की जा रही है।
बैज ने बताया कि 10×10 की भारी-भरकम पाइपलाइन डालने से किसानों का करीब 20 फीट का खेत हमेशा के लिए प्रभावित हो रहा है, जिससे भविष्य में वे वहां खुदाई भी नहीं कर पाएंगे। सबसे गंभीर बात यह है कि विरोध करने वाले किसानों को धमकाया जा रहा है। कांग्रेस ने इस शोषण के विरुद्ध (Political Allegations Chhattisgarh) को स्वर देते हुए मांग की है कि बिना मुआवजा और लिखित सहमति के कोई भी कार्य न किया जाए।
राजधानी में ‘लॉ एंड ऑर्डर’ ध्वस्त
राजधानी रायपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने गहरा दुख और रोष व्यक्त किया। उन्होंने कल हुई चाकूबाजी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अपराधियों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। बैज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर (Political Allegations Chhattisgarh) लगाते हुए कहा कि पुलिस का ध्यान केवल ट्रैफिक चालान काटने और वसूली करने में है, जबकि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाक के नीचे हो रही इन वारदातों को सरकार की सबसे बड़ी विफलता बताया। राजधानी में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद भी अपराध का ग्राफ कम होने के बजाय बढ़ रहा है, जो आम जनता के लिए असहनीय हो गया है। कांग्रेस ने इस असुरक्षित माहौल के खिलाफ राज्य सरकार पर विफल होने के (Political Allegations Chhattisgarh) लगाए हैं।


