सीजी भास्कर, 26 जून : छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव (Private School Rules Chhattisgarh ) किया गया है। राज्य सरकार ने संशोधित नियम लागू करते हुए स्कूलों के लिए स्वयं की भूमि होना अनिवार्य नहीं रखा है। इसके साथ ही खेल मैदान, पुस्तकालय और प्रयोगशाला जैसी आधारभूत सुविधाओं का स्कूल परिसर में होना भी अब जरूरी नहीं होगा। नई व्यवस्था के तहत इन सुविधाओं की उपलब्धता साझेदारी, अनुबंध या किराये के मॉडल के माध्यम से सुनिश्चित की जा सकेगी। इस फैसले से प्रदेश के 6,800 से अधिक निजी स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है।
साझेदारी मॉडल से पूरी होंगी आधारभूत सुविधाएं
संशोधित नियमों के अनुसार, यदि किसी निजी स्कूल के पास अपना खेल मैदान, पुस्तकालय या विज्ञान प्रयोगशाला नहीं है, तो वह किसी सरकारी संस्थान, नगर निगम, स्थानीय निकाय या पहले से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान के साथ समझौता कर इन सुविधाओं का उपयोग कर सकेगा। इस व्यवस्था को अब स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया का वैध हिस्सा बनाया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की नीति के अनुरूप किया गया है।
6,800 से अधिक निजी स्कूलों को मिलेगी राहत
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध प्रदेश में 6,800 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें रायपुर जिले में ही 700 से ज्यादा स्कूल शामिल हैं। बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जिनके पास सीमित भूमि होने के कारण खेल मैदान या अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करना संभव नहीं हो पा रहा था। नए नियमों से विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के ऐसे स्कूलों को बड़ी राहत मिलेगी।
नई स्कूलों की स्थापना होगी आसान
शिक्षा विभाग का मानना है कि संशोधित प्रावधानों से निजी शिक्षण संस्थानों की स्थापना और संचालन अधिक व्यावहारिक होगा। इससे संसाधनों का साझा उपयोग बढ़ेगा और शिक्षा संस्थानों को अनावश्यक वित्तीय बोझ से भी राहत मिलेगी। साथ ही नई शिक्षा इकाइयों की स्थापना को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मान्यता प्रक्रिया होगी अधिक लचीली
नई व्यवस्था के तहत मान्यता के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का मूल्यांकन अब केवल स्वामित्व के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखते हुए संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।



