सीजी भास्कर, 12 जून : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय (Public Toilet Encroachment) को तोड़कर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने इस संबंध में निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने लावारिस शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार और दफन की व्यवस्था के लिए भी उचित स्थान निर्धारित करने की मांग उठाई है।
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने अपने आवेदन में बताया कि वार्ड क्रमांक-8 चांदमारी क्षेत्र स्थित सार्वजनिक शौचालय को तोड़कर उस पर बेजा कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 4 जून को मामले की शिकायत नगर निगम को दी गई थी, जिसके बाद निगम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। हालांकि बाद में फिर से कथित कब्जाधारी द्वारा सार्वजनिक शौचालय को क्षतिग्रस्त कर कब्जे की कोशिश शुरू कर दी गई।
मोहल्लेवासियों ने भी की शिकायत
सलीम नियारिया ने बताया कि स्थानीय नागरिकों और मोहल्लेवासियों ने भी इस मामले को लेकर आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि वर्तमान में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है और ऐसे समय में नगर निगम की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर कब्जा किया जाना गंभीर विषय है।
उन्होंने निगम प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नगर निगम अपनी ही संपत्तियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है तो भविष्य में अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर भी अवैध कब्जे बढ़ सकते हैं।
लावारिस शवों के लिए सुरक्षित व्यवस्था की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने अपने ज्ञापन में लावारिस शवों के दफनाने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रामपुर स्थित पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड में लावारिस शवों को कम गहराई में दफनाया जाता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
उनका कहना है कि कई बार शवों की पहचान बाद में होने पर परिजनों को कचरे के ढेर जैसे स्थान से शव निकालना पड़ता है, जो बेहद पीड़ादायक और अमानवीय स्थिति पैदा करता है।
बाउंड्रीवॉल और रिकॉर्ड व्यवस्था की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि रामपुर या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर लावारिस शवों के लिए अलग से सुरक्षित भूमि चिन्हित की जाए। वहां चारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) बनाकर स्थान को सुरक्षित किया जाए तथा प्रत्येक शव की फोटो और पहचान संबंधी जानकारी रिकॉर्ड में रखी जाए, ताकि भविष्य में पहचान होने पर परिजनों को सुविधा मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने दोनों मामलों में शीघ्र कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और लावारिस शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।



