सीजी भास्कर, 06 मार्च। असम में Indian Air Force के सुखोई लड़ाकू विमान के क्रैश होने की घटना में दो पायलट (Purvesh Duragkar IAF Pilot) शहीद हो गए। इस हादसे में Purvesh Duragkar और स्क्वाड्रन लीडर Anuj ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर के पिता रवींद्र दुरगकर ने बेटे को याद करते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। उन्होंने बताया कि पुरवेश देश के लिए पूरी तरह समर्पित थे और भारतीय वायुसेना में सेवा करना उनके लिए गर्व की बात थी।
दो दिन पहले हुई थी आखिरी बातचीत
पुरवेश दुरगकर के पिता ने बताया कि उनकी अपने बेटे से दो दिन पहले ही आखिरी (Purvesh Duragkar IAF Pilot) बार बात हुई थी। बुधवार को फोन पर बातचीत के बाद गुरुवार सुबह उन्हें बेटे के ग्रुप कैप्टन से उसके शहीद होने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि पुरवेश अपने साथियों की हमेशा तारीफ किया करते थे और वायुसेना में अपने कर्तव्य को लेकर बेहद गंभीर थे।
ऑपरेशन सिंदूर में भी लिया था हिस्सा
दुरगकर के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने ऑपरेशन सिंदूर में भी हिस्सा लिया था। वे देश की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित थे और अपने कर्तव्यों को हमेशा प्राथमिकता देते थे।
बताया जा रहा है कि पुरवेश दुरगकर की पोस्टिंग असम के Tezpur एयरबेस में थी, जबकि इन दिनों वे Jorhat में तैनात थे क्योंकि तेजपुर एयरबेस के रनवे पर मरम्मत का काम चल रहा था।
रक्षा मंत्री ने जताया शोक
इस हादसे पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी गहरा दुख व्यक्त (Purvesh Duragkar IAF Pilot) किया है। उन्होंने कहा कि सुखोई Su-30 क्रैश में शहीद हुए दोनों पायलटों की बहादुरी और सेवा को देश हमेशा गर्व के साथ याद करेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।





