रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दोपहर 7 बजे दिल्ली पहुँचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पालम एयरपोर्ट (Putin India Visit) पहुंचे और बिना किसी औपचारिकता के अपने मित्र पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया — दोनों नेताओं ने एक ही कार में होकर सीधे प्रधानमंत्री आवास 7-लोक कल्याण मार्ग चले।
एमिली माहौल के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में लिखी हुई एक प्रति गीता भेंट की — एक प्रतीकात्मक व्यंग्य नहीं, बल्कि दोनों देशों की गहरी सांस्कृतिक समझ और सम्मान का प्रतिनिधित्व।
इस पहले दिन की व्यस्तता के बाद, पुतिन के दूसरे दिन का शेड्यूल निर्धारित है: सुबह राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत, उसके बाद राजघाट और महात्मा गांधी (Putin India Visit) की समाधि पर श्रद्धांजलि; फिर हैदराबाद हाउस में 23वीं भारत-रूस सम्मिलन (Annual Summit) में भाग; दोपहर में व्यापार एवं रक्षा समझौतों पर चर्चा; शाम को राज्य डिनर — इतना ही नहीं, शाम 9 बजे के आसपास पुतिन भारत छोड़कर मॉस्को वापसी करेंगे।
इस दौरे का महत्व सिर्फ औपचारिक दौरा नहीं है — यह संकेत है कि युद्ध और पाबन्दियों के बीच भी भारत-रूस की “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” अडिग है। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक, और अंतरराष्ट्रीय राजनीति सहित कई आयामों पर दोनों देश आगे की राह तय करने को तैयार हैं।
इस यात्रा के दौरान, 10 से अधिक सरकारी और 15 से अधिक व्यापारिक व अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर की उम्मीद (Putin India Visit) जताई जा रही है — एक ऐसा विस्तृत एजेंडा, जो भारत और रूस के साथ-साथ वैश्विक भू-राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।





