सीजी भास्कर, 14 फरवरी। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड समझौते को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी (Rahul Gandhi Farmers Issue) तेज हो गई है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मंत्री का कहना है कि समझौते को लेकर डर फैलाया जा रहा है, जबकि यह किसानों, युवाओं, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और कारीगरों के हित में है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
पीयूष गोयल ने कहा कि किसानों के बीच गलत आशंकाएं पैदा करने के लिए झूठे और बनावटी दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों से बातचीत और वायरल हो रहे वीडियो पहले से तय स्क्रिप्ट के तहत तैयार किए गए हैं, ताकि समझौते को लेकर भ्रम फैलाया जा सके। मंत्री के मुताबिक, सरकार की मंशा साफ है और किसी भी स्तर पर किसानों के हितों से समझौता नहीं किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोयामील और मक्का जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों पर किसी तरह की छूट नहीं दी गई है। सरकार ने इन उत्पादों को समझौते में पूरी तरह सुरक्षित (Rahul Gandhi Farmers Issue) रखा है, ताकि घरेलू किसानों को नुकसान न पहुंचे। पीयूष गोयल ने दोहराया कि भारत की कृषि प्राथमिकताएं गैर-परक्राम्य हैं और उन्हें पूरी मजबूती के साथ संरक्षित किया गया है।
सेब के आयात को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने बताया कि देश में हर साल पहले से ही लगभग 5.50 लाख टन सेब का आयात होता है, क्योंकि घरेलू उत्पादन कुल मांग का करीब 80 प्रतिशत ही पूरा कर पाता है। प्रस्तावित व्यवस्था में आयात की सीमा तय रहेगी, साथ ही न्यूनतम आयात मूल्य और शुल्क भी लागू रहेंगे, जिससे स्थानीय सेब उत्पादकों की सुरक्षा बनी रहेगी।
अखरोट के मामले में भी उन्होंने कहा कि अमेरिका को सीमित मात्रा में ही आयात की अनुमति दी गई है, जो भारत की कुल जरूरत से काफी कम है। इससे घरेलू किसानों पर किसी बड़े नकारात्मक असर की आशंका नहीं है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार हर उत्पाद के लिए संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है।




