सीजी भास्कर, 20 जून : कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi Visit ) के 21 जून को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आ रहे राहुल गांधी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दलों के नेताओं के तीखे राजनीतिक हमलों ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके आगमन के साथ प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर विफल रहने के आरोप लगाते हुए पार्टी नेतृत्व से जवाब देने की बात कही। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
भाजपा विधायक की टिप्पणी पर कांग्रेस ने भी कड़ा पलटवार किया। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में मर्यादित और संयमित भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। उपाध्याय ने भाजपा नेताओं को राजनीतिक संवाद की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी।
इधर, कांग्रेस का 10 दिवसीय संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर अभनपुर में शुरू हो चुका है। इस शिविर में प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों, संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन सुदृढ़ीकरण, जनसंपर्क और राजनीतिक रणनीति से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी 21 जून को रायपुर पहुंचेंगे और प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना है।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ रही हैं। एक ओर कांग्रेस इसे संगठनात्मक मजबूती का महत्वपूर्ण अवसर बता रही है, वहीं भाजपा इस कार्यक्रम को लेकर लगातार राजनीतिक सवाल उठा रही है। ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।





