Raigarh Job Fraud Case : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर एक बड़ी ठगी का मामला प्रकाश में आया है। शातिर आरोपी ने खुद को प्रदेश के कृषि मंत्री का करीबी रिश्तेदार (बहनोई) बताकर चार बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को अपने जाल में फंसाया। इस फर्जीवाड़े के जरिए आरोपियों ने पीड़ितों से कुल 22 लाख 70 हजार रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली, जिसके बाद अब पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
रायपुर में हुई मुलाकात और मंत्रालय में पहचान का दावा
पूरे विवाद की शुरुआत पीड़ित समारू राम टंडन की रायपुर में एक आरोपी दंपती से मुलाकात के साथ हुई थी। मुख्य आरोपी ने बड़ी चतुराई से पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उसकी मंत्रालय में ऊंचे स्तर पर जान-पहचान है और वह आसानी से सरकारी पद पर नियुक्ति करवा सकता है। अपने बेटे और अन्य परिचितों के सुरक्षित भविष्य की चाह में पीड़ित ने झांसे में आकर आरोपियों को किस्तों में बड़ी धनराशि सौंप दी।
नगद और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बाद दिखाए फर्जी नियुक्ति पत्र
ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले नगद राशि ली और उसके बाद विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करवाए। विश्वास जीतने के लिए जालसाज ने पीड़ितों को अपने गांव बुलाया और वहां उन्हें जाली नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) भी दिखाए। इन कागजातों को असली बताकर शेष बची हुई रकम की मांग की गई और एक निश्चित तारीख पर जॉइनिंग कराने का झूठा आश्वासन दिया गया।
पैसे वापस मांगने पर अभद्र व्यवहार और ठगी का खुलासा
जब तय समय बीत जाने के बाद भी किसी की नियुक्ति नहीं हुई, तो पीड़ितों ने आरोपी पर दबाव बनाना शुरू किया। टालमटोल से तंग आकर जब पीड़ित पक्ष ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी दंपती ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद पीड़ितों को समझ आया कि वे एक सोची-समझी साजिश का शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद उन्होंने थाने की शरण ली।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें
रायगढ़ पुलिस ने पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी के लिए अवैध लेनदेन न करें।


