सीजी भास्कर, 03 फरवरी | Rail Minister Press Conference Chhattisgarh के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पूरी चर्चा का रुख बदल दिया। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहां मंच से विकास के बड़े दावे किए जा रहे थे, वहीं बिलासपुर जोनल मुख्यालय में मौजूद कुछ वरिष्ठ अधिकारी कैमरे में झपकी लेते नजर आए। यह दृश्य केवल क्षणिक नहीं था, बल्कि पूरे सत्र में साफ दिखाई देता रहा।
कैमरे में कैद हुई अफसरों की सुस्ती
बिलासपुर जोन में PCCM जे.एस. बिंद्रा और प्रमुख चीफ इंजीनियर मुरीत भटनागर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नींद से जूझते दिखाई दिए। वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर यह दृश्य स्पष्ट था और इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। (Railway Officials Viral Video) इस घटनाक्रम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए।
आंकड़े बड़े, प्रोजेक्ट शून्य
Rail Minister Press Conference Chhattisgarh में बताया गया कि 2026–27 के बजट में राज्य को रेलवे विकास के लिए 7,470 करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह राशि पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक बताई गई, लेकिन हकीकत यह है कि इस बजट में छत्तीसगढ़ को कोई नया रेलवे प्रोजेक्ट मंजूर नहीं हुआ।
बढ़ी राशि, वही पुरानी योजनाएं
बिलासपुर जोन को इस बार पिछले बजट से 545 करोड़ रुपए अधिक मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह राशि पहले से स्वीकृत कार्यों — लाइन डबलिंग, ट्रिपलिंग और स्टेशन अपग्रेडेशन — में खर्च की जाएगी। (Chhattisgarh Railway Budget) नए कॉरिडोर या नई लाइन की घोषणा न होना चर्चा का विषय बना रहा।
मंत्री का दावा, जमीनी हकीकत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल मंत्री ने रावघाट परियोजना और परमालकसा–खरसिया कॉरिडोर का उल्लेख किया। दावा किया गया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि, इन परियोजनाओं की समयसीमा को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया।
कागजों में तेज, फील्ड में धीमा
राज्य में इस समय 51,080 करोड़ रुपए के रेलवे विकास कार्य चलने की जानकारी दी गई। इनमें ट्रैक विस्तार, स्टेशन पुनर्विकास, फ्लाईओवर, अंडरपास और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। Rail Minister Press Conference Chhattisgarh में इन कार्यों को ‘तेजी से प्रगति पर’ बताया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कई प्रोजेक्ट अब भी अपेक्षित रफ्तार से पीछे हैं।
32 स्टेशन, 1674 करोड़ खर्च
अमृत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों के पुनर्विकास पर 1,674 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। कुछ स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है, जबकि अधिकांश स्थानों पर निर्माण जारी है। (Amrit Station Chhattisgarh) यात्री सुविधाओं के सुधार को इसका मुख्य उद्देश्य बताया गया।
सुविधा बढ़ी, सवाल बरकरार
राज्य में वर्तमान में दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस और एक जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही है। इन प्रीमियम सेवाओं से यात्रा अनुभव बेहतर हुआ है, लेकिन आम यात्री ट्रेनों की समयबद्धता और संख्या को लेकर सवाल अब भी कायम हैं।
विकास के बीच लापरवाही की तस्वीर
Rail Minister Press Conference Chhattisgarh का उद्देश्य राज्य में रेलवे विकास की तस्वीर पेश करना था, लेकिन अफसरों की झपकी ने पूरे कार्यक्रम की गंभीरता को प्रभावित कर दिया। यह दृश्य केवल एक पल की थकान नहीं, बल्कि सिस्टम की कार्यसंस्कृति पर उठता सवाल बन गया।





