सीजी भास्कर 13 फ़रवरी। बस्तर अंचल में रेल कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में बड़े स्तर पर काम (Railway Doubling Bastar) हो रहा है। जगदलपुर–किरंदुल–कोत्तावलसा रेललाइन के दोहरीकरण और अमृत स्टेशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों का शुक्रवार को ईस्ट कोस्ट रेलवे के महाप्रबंधक परमेश्वर फंकवाल ने स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जगदलपुर रेलवे स्टेशन और डिलमिली क्षेत्र में निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा की गहन समीक्षा की गई। जीएम फंकवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केके रूट (किरंदुल–कोत्तावलसा) पर लाइन दोहरीकरण का कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम बन सके।
अमृत स्टेशन योजना पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों पर खास (Railway Doubling Bastar) जोर दिया गया। प्लेटफॉर्म उन्नयन, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छता व्यवस्था, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और स्टेशन के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन परिसर में विकसित ग्रीन लॉन, गार्डन और बस्तर की विशिष्ट ट्राइबल आर्ट यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है, जिससे जगदलपुर स्टेशन की पहचान और मजबूत होगी।
तेजी से आगे बढ़ रहा दोहरीकरण कार्य
भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों के सुलझने के बाद रेललाइन दोहरीकरण का कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीएम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और नई ट्रेनों की मांग भी बढ़ी है। इसे देखते हुए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा।
बस्तर को मिलेगा बेहतर रेल नेटवर्क
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवृत्ति (Railway Doubling Bastar) बढ़ेगी, मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही सुचारु होगी और बस्तर का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से और मजबूत होगा। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार को भी गति देगी। बस्तर में रेल विकास के ये कदम साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में यह क्षेत्र आधुनिक रेल नेटवर्क के जरिए नई रफ्तार पकड़ने वाला है।




