सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Passenger Facility Plan) ने देशभर के विभिन्न प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 76 आधुनिक यात्री आवास क्षेत्रों (Passenger Holding Areas) के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
यह योजना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सफलतापूर्वक विकसित किए गए यात्री सुविधा केंद्र के मॉडल पर आधारित है, जिसने त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ प्रबंधन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी।
केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी नए यात्री आवास क्षेत्र 2026 के त्यौहारी सीजन (Railway Passenger Facility Plan) से पहले तैयार कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता और प्रबंधन क्षमता को बढ़ाने के लिए यह पहल “भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम” होगी।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नया यात्री सुविधा केंद्र (होल्डिंग एरिया) इस योजना का प्रमुख मॉडल है। सिर्फ चार महीनों में तैयार किए गए इस केंद्र में एक समय में 7,000 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। यह सुविधा केंद्र तीन खंडों टिकटिंग, पोस्ट-टिकटिंग और प्री-बोर्डिंग में विभाजित है। यहां 150 पुरुष और 150 महिला शौचालय, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनें, फ्री ड्रिंकिंग वॉटर, और सुरक्षित प्रतीक्षा कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस सुविधा ने दिवाली और छठ जैसे पर्वों के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नई दिल्ली स्टेशन पर मिली सफलता को देखते हुए अब देश के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी ऐसे यात्री आवास क्षेत्र (Railway Passenger Facility Plan) विकसित किए जाएंगे। इन 76 स्टेशनों में मुंबई सीएसएमटी, हावड़ा, चेन्नई सेंट्रल, लखनऊ, पटना, जयपुर, अहमदाबाद, पुरी, गुवाहाटी, भोपाल, जोधपुर और रायपुर सहित सभी जोनल मुख्यालयों के बड़े स्टेशन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों का निर्माण स्थानीय परिस्थितियों और यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा। यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण देने के लिए प्रतीक्षालयों में आधुनिक डिज़ाइन, हवादार संरचना और पर्याप्त सीटिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य स्टेशनों पर बढ़ते यात्री दबाव को संतुलित करना और यात्रियों के अनुभव को “रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट स्तर” तक पहुंचाना है। प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, वाई-फाई, शुद्ध पेयजल, स्वच्छता उपकरण और एसी प्रतीक्षा क्षेत्र जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी।


