सीजी भास्कर, 03 दिसंबर | छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के बेटे Chaitanya Baghel को हाईकोर्ट से जमानत (Raipur Central Jail Bail) मिल गई है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें कुछ ही देर में Raipur Central Jail से रिहा किया जा सकता है।
जेल के बाहर पहले से ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट गई है। ढोल-नगाड़ों की आवाज़ और नारेबाजी के बीच समर्थक चैतन्य के स्वागत की तैयारी में जुटे हुए हैं। माहौल पूरी तरह से उत्सव जैसा बना हुआ है।
भूपेश बघेल का भावुक बयान
रिहाई से पहले भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे भावनात्मक संयोग बताया। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को चैतन्य को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया (Raipur Central Jail Bail) गया था और आज उनके पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। आज सत्य की जीत हुई है।” उनके इस बयान के बाद समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई।
किन मामलों में मिली जमानत
चैतन्य बघेल को Enforcement Directorate (ED) और छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज मामलों में जमानत मिली है।
ED ने उन्हें जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मामले में ACB ने तब गिरफ्तारी दिखाई, जब वे पहले से जेल में बंद थे।
जांच एजेंसियों के गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपये का लेन-देन खुद संभाला।
वहीं ACB का दावा है कि उन्हें हिस्सेदारी के रूप में 200 से 250 करोड़ रुपये (Raipur Central Jail Bail) मिले और पूरे घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि चैतन्य बघेल और उनके परिवार की ओर से इन सभी आरोपों को पहले ही खारिज किया जाता रहा है।
रिहाई के साथ बढ़ेगी सियासी गर्मी
चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज होने के आसार हैं। कांग्रेस इसे न्याय की जीत बता रही है, जबकि विपक्ष जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।





