सीजी भास्कर, 12 फरवरी। राजधानी रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक गंभीर घटना (Raipur Court Escape) सामने आई है। सेंट्रल जेल रायपुर में बंद दो विचाराधीन कैदी पेशी के दौरान कोर्ट परिसर से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल शहरभर में नाकेबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, फरार कैदियों की पहचान राजेश मारकण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय के रूप में हुई है। दोनों कैदी हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में सेंट्रल जेल रायपुर में बंद थे। उन्हें पेशी के लिए अदालत लाया गया था, लेकिन सुनवाई शुरू होने से पहले ही उन्होंने पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफलता हासिल कर ली।
बताया जा रहा है कि दोनों कैदी कोर्ट मोहऱिर की अभिरक्षा (Raipur Court Escape) में थे। इसी दौरान किसी तरह की लापरवाही का फायदा उठाकर वे कोर्ट परिसर से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों ने तत्काल अपने स्तर पर कैदियों की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद मामले की सूचना जेल प्रबंधन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई। सिविल लाइंस थाना रायपुर में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित (Raipur Court Escape) की गई है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद कोर्ट सुरक्षा और पेशी व्यवस्था को लेकर भी आंतरिक जांच की बात कही जा रही है।यह मामला न केवल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को उजागर करता है, बल्कि आमजन की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है।




