राजधानी रायपुर के अमानाका थाना क्षेत्र के टाटीबंद इलाके में Raipur Fire Incident ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एक साधारण सा मकान कुछ ही मिनटों में आग का गोला बन गया और उसके अंदर फंसे 70 वर्षीय बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो गई। बाहर से बंद दरवाजे ने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया।
बंद दरवाजे के पीछे बेबस चीखें
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के दौरान घर के अंदर से बुजुर्ग की चीख-पुकार साफ सुनाई दे रही थी। पड़ोसियों ने मदद के लिए दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन बाहर से लगा ताला और आग की तेज लपटें आड़े आ गईं। (House Fire Tragedy) ने कुछ ही पलों में एक जीवन छीन लिया।
हीटर से आग लगने की आशंका
मृतक की पहचान राजकुमार गुप्ता के रूप में हुई है। बताया गया कि परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे, जबकि बेटा रोज की तरह सुबह काम पर निकल गया था और घर को बाहर से ताला लगाकर गया। प्रारंभिक जांच में निचले हिस्से में चालू रूम हीटर को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है।
धुएं से मची अफरा-तफरी
सुबह करीब साढ़े सात बजे घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में पूरा इलाका जमा हो गया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर घुसना किसी के लिए संभव नहीं हो पाया। (Senior Citizen Death) की खबर ने मोहल्ले को गमगीन कर दिया।
दमकल की देरी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल वाहन करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचा। तब तक आग पूरे घर को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग बुझाने के बाद दमकल कर्मियों ने घर के अंदर से बुजुर्ग का जला हुआ शव बाहर निकाला।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
इलाके में आक्रोश और मातम
हादसे के बाद पूरे टाटीबंद इलाके में शोक का माहौल है। लोगों ने एक स्वर में कहा कि अगर समय पर मदद पहुंचती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी। (Emergency Response Delay) को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।




