सीजी भास्कर, 28 जनवरी | रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के मध्य जोन में नशे और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ ज़मीनी स्तर पर सख्ती साफ दिखाई दी। (Raipur Police Anti-Drug Drive) के तहत शहर के संवेदनशील इलाकों में पैदल पेट्रोलिंग और संदिग्ध चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे इलाके में पुलिस की विज़िबल मौजूदगी महसूस हुई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
इस विशेष अभियान का नेतृत्व एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने किया। उनके साथ एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू, तेलीबांधा और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित करीब 35 अधिकारी और जवान सड़कों पर उतरे। (Visible Policing Raipur) का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराधियों को मनोवैज्ञानिक रूप से बैकफुट पर लाना भी रहा।
संवेदनशील इलाकों में सघन चेकिंग
देवार पारा, तेलीबांधा बीएसयूपी कॉलोनी, श्याम नगर, मरीन ड्राइव जैसे इलाकों में पैदल मार्च कर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली गई। इस दौरान गांजा, अवैध शराब और नशीले पदार्थों से जुड़ी सामग्री बरामद की गई। (Commissionerate Action) के तहत कई तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
सड़क और दुकानों पर भी दिखी सख्ती
पेट्रोलिंग के दौरान सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से दुकान लगाने वालों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को जब्त कर थाने भेजा गया, वहीं अड्डेबाजी करने वालों पर मौके पर ही कार्रवाई की गई। (Anti-Drug Enforcement) अभियान का असर साफ तौर पर दिखा।
शराब भट्टियों और असामाजिक तत्वों पर नजर
शराब भट्टियों के आसपास विशेष निगरानी रखी गई। चाकूबाजी, झगड़ा और अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों को चिन्हित कर चेतावनी दी गई। दुकानों के बाहर फैले सामान को हटवाकर व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आमजन को असुविधा न हो।
पुलिस का संदेश साफ
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। लक्ष्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना है। (Law and Order Raipur) को लेकर पुलिस किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।




