सीजी भास्कर, 2 फरवरी | Rajim Village Violence : छत्तीसगढ़ के राजिम क्षेत्र के दुतकैंया गांव में रविवार को हालात अचानक बेकाबू हो गए। पुराने विवाद की चिंगारी ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और हालात ऐसे बने कि गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आने लगा।
शिकायत करने वालों को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, यह विवाद अप्रैल 2024 में गांव में स्थापित शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने की घटना से जुड़ा है। इस मामले में दर्ज FIR के बाद जिन लोगों ने शिकायत की थी, उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि रास्ते से गुजर रहे युवकों को चुन-चुनकर रोका गया और उन पर जानलेवा हमले किए गए।
एक के बाद एक हमले
सबसे पहले सब-स्टेशन में ड्यूटी कर रहे अरविंद साहू पर सिर पर वार किया गया। इसके बाद राजिम मेला जा रहे नरेंद्र साहू के हाथ पर हमला हुआ। रेखु यादव की भुजा पर गंभीर चोट लगी, जिससे हड्डी टूटने की आशंका जताई जा रही है। परमानंद साहू के साथ भी मारपीट की गई। घटनाएं यहीं नहीं रुकीं, गांव के तीन लोगों को लगभग चार घंटे तक बंधक बनाकर पीटा गया।
घर-कार जलाने तक पहुंचा गुस्सा
हमले की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश बढ़ गया। ग्रामीण आरोपियों के घर की ओर बढ़े, तभी घर के अंदर से भीड़ पर मिर्च पाउडर फेंका गया। इससे हालात और भड़क गए। इसी अफरा-तफरी में एक घर और एक कार को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में भय का माहौल बन गया।
भारी बल तैनात
स्थिति बिगड़ती देख बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई। पुलिस पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है, जबकि हिंसा भड़काने के आरोप में तीन लोगों को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।
बाहरी आवाजाही पर रोक
फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि हालात दोबारा न बिगड़ें।
मेले पर भी पड़ा असर
इस हिंसा का असर राजिम मेला पर भी साफ नजर आया। मेला समय पर बंद हुआ, लेकिन आम दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं और दर्शकों की संख्या काफी कम रही। लोग अनहोनी की आशंका से जल्दी लौटते दिखे।





