सीजी भास्कर, 18 जून। अयोध्या में इन दिनों धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर गतिविधियां (Ram Mandir) तेज हैं। मंदिर से जुड़े एक विवाद की जांच के बीच प्रशासनिक तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले सामने आई एक जानकारी ने स्थानीय स्तर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक नई चर्चा छेड़ दी है।
रामनगरी में चल रही जांच और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है। इसी बीच मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जारी तैयारियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर एक महत्वपूर्ण नाम को लेकर सामने आई जानकारी चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुख्यमंत्री का अयोध्या दौरा : Ram Mandir
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह राम मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगे। प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से संबंधित जारी प्रोटोकॉल में कुछ विशेष निर्देश भी शामिल किए गए हैं, जिनकी वजह से राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रतिनिधि भेजने का अनुरोध
जानकारी के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित न होने और अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को प्रतिनिधि के रूप में नामित करने का अनुरोध किया गया है।
प्रोटोकॉल से जुड़ी जानकारी के अनुसार प्रतिनिधि का नाम संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं आई है।
जांच में जुटी विशेष टीम
दूसरी ओर मंदिर में चढ़ावा राशि से जुड़े विवाद की जांच (Ram Mandir) जारी है। विशेष जांच दल लगातार मामले से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। सूत्रों के अनुसार जांच टीम मंदिर पहुंचकर चढ़ावा राशि की गणना व्यवस्था और उससे जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जानकारियां एकत्र कर रही है। इस क्रम में ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी अयोध्या पहुंचे। उन्होंने मामले को लेकर भाजपा और मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उच्च स्तर की जांच की मांग भी दोहराई।
मंदिर प्रबंधन में बदलाव की चर्चा
मामले के बीच यह चर्चा भी सामने आई है कि राम मंदिर में व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर ट्रस्ट और शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। यदि ऐसा होता है तो प्रशासनिक व्यवस्था और संचालन से जुड़े कई निर्णय नए ढांचे के तहत लिए जा सकेंगे।
अब तक क्या हुआ
जांच के दौरान कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं जो चढ़ावा राशि की गणना प्रक्रिया से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां उनसे जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब मंदिर की दान राशि को लेकर सवाल (Ram Mandir) उठाए गए। इसके बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया और विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। फिलहाल जांच जारी है और सभी की नजर आगे आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है।





