सीजी भास्कर, 16 जनवरी | प्रथम Raut Nach Jhanki National Jamboree में बिलासपुर की राऊत नाच झांकी ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से अलग पहचान बनाई। बालोद जिले के दुधरी में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय आयोजन में पारंपरिक लोकनृत्य ने दर्शकों और निर्णायकों का ध्यान खींचा, जिससे बिलासपुर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर उभरा।
अनुशासन और समर्पण के साथ सहभागिता
भारत स्काउट्स-गाइड्स जिला संघ, बिलासपुर की 224 सदस्यीय रोवर-रेंजर टोली ने आयोजन में अनुशासन, उत्साह और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों के बीच Scout Guide Cultural Program के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत चित्र सामने आया।
राऊत नाच बना सांस्कृतिक आकर्षण
जंबूरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत राऊत नाच झांकी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक वाद्य और सजीव नृत्य मुद्राओं के साथ Chhattisgarh Folk Dance की यह प्रस्तुति दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ गई। झांकी ने छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा और ग्रामीण जीवन की ऊर्जा को मंच पर उतार दिया।
गतिविधियों में भी दिखी बहुआयामी प्रतिभा
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रोवर-रेंजर्स ने विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक और रचनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी की। जिला गेट निर्माण, युवा सांसद कार्यक्रम, बिना बर्तन भोजन के साथ हाईक, फोक डांस, मार्च-पास्ट, कलर पार्टी और क्विज प्रतियोगिता जैसी Rover Ranger Activities में टीम भावना और नेतृत्व कौशल स्पष्ट रूप से नजर आया।
युवा ऊर्जा और लोकसंस्कृति का संगम
पूरे आयोजन के दौरान बिलासपुर की टोली ने यह साबित किया कि लोकसंस्कृति केवल परंपरा नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा और अनुशासन से जुड़कर राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान बना सकती है। जंबूरी में मिली सराहना ने जिले के स्काउट-गाइड्स और सांस्कृतिक कलाकारों का उत्साह और बढ़ा दिया है।


