Rehabilitation Center Dantewada: दंतेवाड़ा के पुनर्वास केंद्र में उस वक्त अलग ही माहौल देखने को मिला, जब डिप्टी CM विजय शर्मा ने वहां पहुंचकर प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि युवाओं की सोच, उनकी जरूरतों और आगे के प्लान को भी ध्यान से सुना। इस दौरान उन्होंने युवाओं को (Skill Development) से जोड़ने की जरूरत पर खास जोर दिया।
इलेक्ट्रिकल टूल-किट और वेलकम किट का वितरण
निरीक्षण के दौरान डिप्टी CM ने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल-किट और वेलकम किट वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से युवाओं को सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि काम शुरू करने के लिए जरूरी संसाधन भी मिलते हैं। उनका फोकस साफ था—युवाओं को (Self Employment) के जरिए मजबूत बनाना।
कृषि से जुड़ने की इच्छा, सरकार ने दिया भरोसा
बातचीत के दौरान कई युवाओं ने प्रशिक्षण के बाद अपने गांव लौटकर खेती-किसानी करने की इच्छा जताई। इस पर विजय शर्मा ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार कृषि से जुड़े प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगी। उनका कहना था कि गांव लौटकर काम करने वाले युवाओं को (Rural Employment) से जोड़ना प्राथमिकता है, ताकि वे अपने क्षेत्र में ही आगे बढ़ सकें।
107 युवाओं को मिल रहा बहुआयामी प्रशिक्षण
पुनर्वास केंद्र में फिलहाल 107 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनमें बीजापुर के 60 और दंतेवाड़ा के 47 युवा शामिल हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे कई कौशल सिखाए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार मिल चुका है, वहीं 75 युवाओं को सिलाई मशीन दी जा चुकी है—जो (Vocational Training) के असर को दिखाता है।
हर युवा को ड्राइविंग ट्रेनिंग और लाइसेंस का निर्देश
डिप्टी CM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र से बाहर जाने से पहले हर युवा को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए और उसका लाइसेंस भी बनवाया जाए। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि वे अपने साथियों को भी पुनर्वास से जोड़ें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मुख्यधारा में लौट सकें।
सुरक्षा बलों से मुलाकात, क्षेत्र की स्थिति का लिया जायजा
दंतेवाड़ा पहुंचने से पहले विजय शर्मा ने मारडूम घाटी, चित्रकोट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर मार्ग का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की मेहनत से अब बस्तर के कई इलाके सुरक्षित हो चुके हैं और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।


