CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Religious Controversy India : वाराणसी से उठा गो-रक्षा विवाद, अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप—सत्ता गो-भक्तों के विरुद्ध

Religious Controversy India : वाराणसी से उठा गो-रक्षा विवाद, अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप—सत्ता गो-भक्तों के विरुद्ध

By Newsdesk Admin
30/01/2026
Share

सीजी भास्कर, 30 जनवरी | Religious Controversy India : वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा की गई प्रेस वार्ता के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान दौर में गोमाता की रक्षा और गोहत्या पर रोक की मांग करना अपराध जैसा बना दिया गया है, जबकि यह सनातन परंपरा का मूल विषय है।

Contents
  • गोहत्या विरोध को बताया दबाया जा रहा आंदोलन
  • रामभद्राचार्य का नाम आने से बढ़ा विवाद
  • शंकराचार्य होने पर उठे सवाल
  • ‘हिंदू होने का प्रमाण’ वाला बयान
  • माघ मेले की घटना से शुरू हुआ विवाद
  • नोटिस, बयान और ‘कालनेमि’ विवाद
  • संत समाज में गहरी दरार
  • इस्तीफों ने बढ़ाई सियासी हलचल
  • बिना स्नान माघ मेले से विदाई

गोहत्या विरोध को बताया दबाया जा रहा आंदोलन

शंकराचार्य ने कहा कि इतिहास गवाह है, जब-जब समाज के किसी वर्ग ने गोहत्या बंद कराने की मांग उठाई, सत्ता ने उसे कुचलने का प्रयास किया। उनके अनुसार आज भी यही स्थिति है, जहां गो-रक्षा की बात करने वालों को योजनाबद्ध तरीके से निशाने पर लिया जा रहा है।

रामभद्राचार्य का नाम आने से बढ़ा विवाद

प्रेस वार्ता के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ संत रामभद्राचार्य का नाम लेते हुए कहा कि एक घेरा बनाकर गोहत्या बंदी की मांग करने वालों पर हमले किए जा रहे हैं। इस बयान के बाद संत समाज के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

शंकराचार्य होने पर उठे सवाल

शंकराचार्य ने दावा किया कि प्रशासन की ओर से उनसे उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया, जो धार्मिक परंपराओं के अपमान जैसा है। उन्होंने कहा कि धर्म किसी सरकारी दस्तावेज का मोहताज नहीं होता और यह सवाल उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उठाया गया।

‘हिंदू होने का प्रमाण’ वाला बयान

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब उनसे प्रमाण मांगा गया तो उन्होंने प्रस्तुत कर दिया, लेकिन अब सवाल यह है कि सत्ता में बैठे लोग अपने हिंदू होने का प्रमाण कैसे देंगे। उनके अनुसार हिंदू होना केवल वेशभूषा या भाषण नहीं, बल्कि गोसेवा और धर्म की रक्षा से जुड़ा आचरण है।

माघ मेले की घटना से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला 18 जनवरी से जुड़ा है, जब प्रयागराज माघ मेले में स्नान के लिए जा रहे शंकराचार्य की पालकी पुलिस ने रोक दी। शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और शिखा पकड़कर घसीटने के आरोप लगे, जिसके बाद शंकराचार्य ने शिविर के बाहर धरना शुरू कर दिया और 11 दिनों तक शिविर में प्रवेश नहीं किया।

नोटिस, बयान और ‘कालनेमि’ विवाद

प्रशासन की ओर से दो नोटिस जारी कर शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया। इसी बीच मुख्यमंत्री द्वारा बिना नाम लिए दिए गए ‘कालनेमि’ वाले बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया। जवाब में अविमुक्तेश्वरानंद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया।

संत समाज में गहरी दरार

इस विवाद के बाद संत समाज दो खेमों में बंटता नजर आया। हालांकि तीनों शंकराचार्यों ने अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में अपनी बात रखी। शंकराचार्य की मांग थी कि प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, तभी वह स्नान करेंगे।

इस्तीफों ने बढ़ाई सियासी हलचल

मामले के समर्थन और विरोध में प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी गई। पहले समर्थन में एक अधिकारी ने पद छोड़ा, तो बाद में सत्ता के समर्थन में दूसरे अधिकारी के इस्तीफे ने पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया।

बिना स्नान माघ मेले से विदाई

28 जनवरी की सुबह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अचानक माघ मेला छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मन इतना व्यथित है कि बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं। इस फैसले ने संत समाज और आम श्रद्धालुओं को चौंका दिया।

‘रिसर्च एंड डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और इनोवेशन’ के लिए “स्कोप एमिनेंस अवार्ड” से SAIL सम्मानित
CAF Recruitment Protest: नौकरी की आस में उबाल, HM हाउस के बाहर कैंडिडेट्स और पुलिस आमने-सामने
CGPSC Interview Training: कलेक्टर खुद ले रहे मॉक इंटरव्यू, रायपुर में चल रहा ‘प्रोजेक्ट अनुभव’, पहली बार फेसलेस साक्षात्कार पर फोकस
नाविक की चुभ गई बात, साहूकार ने नदी पर बनवा दिया पुल, 200 साल पुराने धरोहर के अस्तित्व पर मंडराया संकट
Chhattisgarh Assembly Debate: चाकूबाजी, मजदूरों की मौत और गौवंश के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी, 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Raipur Rash Driving Incident : शराब घोटाले के आरोपी के बेटे की पिटाई

Raipur Rash Driving Incident

Tamradhwaj Sahu Targets BJP Government : अवैध रेत उत्खनन पर भाजपा पर मिलीभगत का आरोप

Tamradhwaj Sahu Targets BJP Government

Durg Panchayat Violence : पंचायत भवन में उपसरपंच पर हमला, डंडों से पिटाई की वारदात CCTV में कैद

Durg Panchayat Violence

Chicken Price Dispute Turns Violent : दुकानदार और उसके बेटे ने युवक को पीटा

Chicken Price Dispute Turns Violent

Kedar Kashyap Targets Rahul Gandhi : ‘राहुल गांधी का दारू से पैर धोकर स्वागत करे कांग्रेस’

Kedar Kashyap Targets Rahul Gandhi

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?