सीजी भास्कर 1 मार्च छत्तीसगढ़ में रविवार का दिन सड़क हादसों के नाम रहा। रायगढ़, पखांजूर और कवर्धा—तीनों जिलों में हुए अलग-अलग हादसों ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आमने-सामने टक्कर ने (Road Accident in Chhattisgarh) की भयावह तस्वीर फिर सामने रख दी।
रायगढ़ के कुरकुट नाला में हाइवा और ट्रेलर की भीषण भिड़ंत
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र स्थित कुरकुट नाला के पास रविवार को हाइवा और ट्रेलर की आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से चकनाचूर हो गए। टक्कर के बाद वाहनों में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में दोनों वाहन धू-धू कर जलने लगे।
इस दर्दनाक (Road Accident in Chhattisgarh) में दोनों चालकों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
केबिन में फंसे चालक, नहीं मिल पाया बाहर निकलने का मौका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों चालक अपने-अपने केबिन में फंस गए थे। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं और उन्हें बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिल सका। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
यह घटना एक बार फिर (High Speed Collision) की खतरनाक हकीकत को उजागर करती है।
पखांजूर में कंटेनर और ट्रेलर की भिड़ंत
उत्तर बस्तर कांकेर जिले के पखांजूर इलाके में कंटेनर और ट्रेलर के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
यह हादसा (Heavy Vehicle Accident) की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कवर्धा में धान से भरा ट्रक पेड़ से टकराया
कबीरधाम जिले के कवर्धा क्षेत्र में धान से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। इस दुर्घटना में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार और सड़क पर नियंत्रण खो देना हादसे की बड़ी वजह बना।
लगातार हो रहे (Truck Accident News) से साफ है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है।
सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा व्यवस्था
एक ही दिन में तीन जिलों में हुए हादसों ने प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार, रात में थके ड्राइवर और सुरक्षा मानकों की अनदेखी—ये सब मिलकर (Road Safety in India) की जमीनी हकीकत दिखा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे पर निगरानी बढ़ाई जाए, स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और ट्रक चालकों की नियमित मेडिकल जांच अनिवार्य हो।






