सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। बीती रात चांपा से एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे सोनी परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सामने चल रहे एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। इस भीषण (Road Accident in Korba) में ढाई साल के मासूम बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
चौथिया कार्यक्रम से लौट रहा था परिवार
मिली जानकारी के अनुसार, कोरबा के बुधवारी बाजार क्षेत्र में रहने वाला सोनी परिवार जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में एक ‘चौथिया’ (शादी के बाद का रस्म) कार्यक्रम में शामिल होने गया था। वार्ड पार्षद सुभाष राठौर ने बताया कि दो दिन पहले ही जितेंद्र सोनी की बेटी की शादी संपन्न हुई थी, जिसकी रस्मों में बीरेंद्र सोनी का परिवार शामिल होने गया था। रात करीब 2 बजे जब पूरा परिवार कार में सवार होकर वापस कोरबा लौट रहा था, तभी यह भीषण (Road Accident in Korba) हो गया।
नींद की झपकी बनी काल!
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि हादसा फरसवनी टोल नाके के पास हुआ। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि कार चला रहे व्यक्ति को संभवतः नींद की झपकी आ गई थी। रफ्तार तेज होने के कारण कार अचानक अनियंत्रित हुई और डिवाइडर से टकराते हुए पलट गई। पलटने के बाद कार सीधे चलती ट्रक के पीछे जा घुसी। इस (Road Accident in Korba) में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया है।
मां, बेटे और नाती की मौत से पसरा मातम
इस हादसे में परिवार की तीन पीढ़ियां खत्म हो गईं। मृतकों में मोंगरा सोनी (45), उनका बेटा देवेंद्र सोनी (22) और ढाई साल का मासूम नाती प्रियांश शामिल हैं। रिश्तों के इस दुखद अंत ने देखने वालों की रूह कंपा दी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस (Road Accident in Korba) की खबर जैसे ही बुधवारी बस्ती में पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। मृतक परिवार का टेंट हाउस का व्यवसाय है और क्षेत्र में उनकी अच्छी जान-पहचान है।
घायलों की हालत नाजुक, बिलासपुर रेफर
कार में कुल छह लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए तीन सदस्यों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस लगातार इस (Road Accident in Korba) के घायलों के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए है।
पोस्टमार्टम और पुलिस कार्रवाई
प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मोंगरा सोनी और प्रियांश के शव बीडीएम अस्पताल चांपा में रखे गए हैं, वहीं देवेंद्र सोनी का शव जिला अस्पताल जांजगीर भेजा गया है। उरगा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस (Road Accident in Korba) के प्रत्यक्षदर्शियों और ट्रक चालक की तलाश में जुटी है, ताकि हादसे के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सके।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
रात के समय होने वाले ऐसे हादसे अक्सर थकान और नींद के कारण होते हैं। उरगा पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय सफर करते समय बेहद सावधानी बरतें और थकान महसूस होने पर वाहन न चलाएं। इस (Road Accident in Korba) ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरों को उजागर कर दिया है।


