सीजी भास्कर, 15 जून। प्रदेश में चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाना शुरू (Road Construction) कर दिया है। सड़क और पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए, जिसके बाद जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। विकास कार्यों में देरी को लेकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
राज्यभर में चल रही परियोजनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में आयोजित समीक्षा बैठक में कई निर्माण कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान कुछ परियोजनाओं की धीमी गति को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी : Road Construction
उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय समीक्षा बैठक में सड़क और पुल निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
दो ठेकेदारों पर हुई बड़ी कार्रवाई
समीक्षा में सामने आया कि कुछ परियोजनाएं तय अवधि में पूरी नहीं हो सकीं। इसे गंभीर मानते हुए उपमुख्यमंत्री ने संबंधित दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त करने के निर्देश दिए। विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
नियमित निगरानी के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए ताकि समय पर कार्य पूर्ण हो सकें।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और पुल जैसे जनसुविधा से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता (Road Construction) है। किसी भी परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमी पाए जाने पर जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदारों के साथ साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समय पर परियोजनाएं पूरी कराने पर जोर
राज्य सरकार अधोसंरचना विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी (Road Construction ) कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि जनता को सड़क, पुल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।





